इंदौर विकास प्राधिकरण ने 80 करोड़ रुपये खर्च कर इंदौर के कुर्मेडी और नायता मुंडला में बस स्टेशन तो बना दिए, लेकिन स्टेशन से जुड़े मार्गों की चौड़ाई कम है। अब स्टेशन पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो पाए है, फिर भी ट्रैफिक जाम हो रहा है। जब यहां ज्यादा बसें पार्क होगी तो हालात और खराब होंगे। इसके अलावा अन्य दूसरी खामियां भी बस स्टेशनों पर नजर आ रही है।
चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा पर रोज वाहन गुत्थम-गुत्था
कुर्मेडी बस स्टेशन की तरफ जाने के लिए सबसे बड़ा जंक्शन चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराहा है। यहां अभी सुबह और शाम कई बार यातायात बाधित होता है। कुर्मेडी बस स्टेशन इंदौर का सबसे बड़ा बस स्टेशन है। यहां डेढ़ हजार बसों की आवाजाही होगी और 80 हजार यात्री प्रतिदिन इस स्टेशन पर आएंगे।
तब इस चौराहे पर वाहनों का दबाव और बढ़ेगा, लेकिन अफसर उसकी चिंता नहीं कर रहे है। यहां लोक परिवहन वाहन भी संचालित होंगे। उनके स्टैंड बनाने की व्यवस्था नहीं की गई। वे भी सड़कों पर खड़े होकर यात्रियों को बैठाएंगे। इससे और ज्यादा ट्रैफिक जाम होगा।
इस स्टेशन से लक्ष्मीबाई और मुख्य रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए नदी किनारे सड़क बनाने की योजना भी है, लेकिन उस पर अभी तक काम नहीं हुआ है। ट्रैफिक जानकार अतुल शेठ बताते है कि कुर्मेडी बस स्टेशन पर 80 हजार यात्री अनुमानित है, लेकिन टिकट विंडो वहां पर सिर्फ 14 बनाई गई है,जबकि दूसरे तीन बस स्टेशनों की कुल विंडो 28 है,जबकि उनकी यात्री क्षमता 45 हजार प्रतिदिन है।
बस्ती के कारण ट्रैफिक जाम
नायता मुंडल बस स्टेशन के आसपास बस्ती है। स्टेशन का संचालन करने से पहले यहां से अतिक्रमण हटाए गए थे, लेकिन फिर भी सड़क की चौड़ाई पर्याप्त नहीं है। बसों की आवाजाही और दूसरे वाहनों के आने जाने के कारण यातायात बाधित हो रहा है।