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Indore: 32 साल पहले 12 दिसंबर को हुई थी हुकमचंद मिल बंद, लेकिन मजदूरों ने नहीं मानी हार

Sun, 10 Dec 2023 08:39 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

हर रविवार श्रमिक और उनके परिवार मिल परिसर में एकत्र होते है और आंदोलन की रुपरेखा बनाई जाती है, लेकिन अब यह परंपरा थम जाएगी,क्योकि मिल की जमीन हाऊसिंग बोर्ड ने ले ली है। अब वहां आईटी पार्क बनेगा। 
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हुकमचंद मिल में रविवार को बैठक हुई। - फोटो : amar ujala digital
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32 वर्षों में इस आंदोलन की अगुवाई करने वाले 27 पदाधिकारी दुनिया से चले गए, लेकिन आंदोलन बदस्तुर जारी रहा। सोमवार को मिल बंद होने का 33 वां साल है। मिल भले ही बंद हो गया,लेकिन मिल के दरवाजे श्रमिकों के लिए कभी बंद नहीं हुए।

हर रविवार श्रमिक और उनके परिवार मिल परिसर में एकत्र होते है और आंदोलन की रुपरेखा बनाई जाती है, लेकिन अब यह परंपरा थम जाएगी,क्योकि मिल की जमीन हाऊसिंग बोर्ड ने ले ली है। अब वहां आईटी पार्क बनेगा। शायद ही देश में अन्य कपड़ा मिलों के बंद होने के बाद लगातार इतने वर्षों तक आंदोलन चला हो। मिल बंद होने की बरसी के एक दिन पहले मिल परिसर में श्रमिकों की 1648 वीं बैठक हुई।

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मुआवजा श्रमिकों के खाते में जाने तक बैठकों का दौर चलेगी। फिर यह आंदोलन भी हमेशा बंद हो जाएगा। श्रमिक नेता नरेंद्र श्रीवंश ने बताया कि मिल बंद होने के बाद मजदूरों और उनके परिजनों का जीवन दुखों भरा जीवन बीता। जब मिल बंद हुआ तब श्रमिकों के बच्चे छोटे थे। आर्थिक हालात खराब होने के कारण बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ा नहीं पाए। एक साथ छह हजार मजदूर शहर में अचानक बेरोजगार हो गए। किसी ने चौकीदारी का काम किया तो किसी ने सब्जी बेची।

सरकारें नहीं कर पाई मिल चालू

1991 में जब मिल बंद हुई तब प्रदेश में पटवा सरकार थी। मुख्यमंत्री सुंदर लाल पटवा ने फिर मिल शुरू करने का आश्वासन दिया, लेकिन वादा अधूरा रहा। 32 सालों में भाजपा कांग्रेस की छह सरकारे आई और गई,लेकिन मिल चालू नहीं हो पाया।

मिल शुरू कराने के लिए श्रमिकों ने जेल भरो आंदोलन किया। 9 दिनों तक श्रमिकों को जेल में रखा गया। 12 दिसंबर 2011 को श्रमिकों ने भूख हड़ताल शुरू की। एक विधवा महिला 9 दिन तक भूख हड़ताल पर बैठी रही। पांच साल पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मिल की जमीन नगर निगम को दी थी और जमीन पर प्रोजेक्ट लाने की योजना बनी। हाउसिंग बोर्ड ने श्रमिकों के 218 करोड़ रुपये बैंक खाते में डाल दिए है।

 

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