पुलिन ने बताया कि मेरे पिता व बहन रमा मुझे पागल समझते थे, मेरी शादी भी नहीं कर रहे थे। इससे परेशान होकर मैंने उनकी हत्या की है और घटना के बाद मैं बडोदरा व गोवा में गया ताकि जिंदगी को बेहतर तरीके से इंजाय कर सकूं।
नौलखा इलाके के वसुधैव कुटुम्बकम् अपार्टमेंट में एसबीआई के रिटायर्ड बैंक मैनेजर कमलकिशोर धामन्दे (76) और उनकी बेटी रमा अरोरा (53) की हत्या के मामले बेटे पुलिन को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद से पुलिन लापता था। पुलिन को बैंक एटीएम के ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस द्वारा उसे गोवा से गिरफ्तार किया गया है। घटना 8 नवंबर की है। पुलिस अब पुलिन धामंदे को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्यवाही करेगी।
शादी न करने से नाराज था, हत्या के बाद एन्जाय करने गोवा गया
पुलिस ने गोवा क्राइम ब्रांच से संपर्क कर आरोपी की फोटो भेजी थी। आरोपी के बारे में यह भी जानकारी पुलिस को मिली है कि उसकी शादी नहीं हुई थी और वो 46 साल का हो गया था। इसलिए भी अपने पिता से नाराज था। आरोपी कुछ समय पहले ही नशा मुक्ति केंद्र से लौटकर अपने घर आया था। हत्या करने के बाद वह 48 घंटे तक दोनों के शवों के पास ही बैठा रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रेस वार्ता कर अब इसका खुलासा करेगी। पुलिन ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि मेरे पिता मृतक कमलकिशोर व मृतिका बहन रमा मुझे पागल समझते थे जिससे मैं जिंदगी को बेहतर तरीके से नहीं जी पा रहा था। इससे परेशान होकर मैंने उनकी हत्या की है और घटना के बाद मैं बडोदरा व गोवा में गया ताकि जिंदगी को बेहतर तरीके से इंजाय कर सकूं।
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Indore News
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
पिता बहन की हत्या का कोई अफसोस नहीं
पुलिस कस्टडी के दौरान भी पुलिन पर दोहरी हत्या को लेकर कोई अफसोस नहीं दिखा। वह सोमवार दोपहर भी लॉकअप में आराम से बैठा था। सुबह उठकर यहां उसने पुलिसकर्मियों से चाय भी मांगी। पुलिन ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि बहन उसके पिता को उसके खिलाफ भड़काती रहती थी। बात बात पर वे रोक टोक करते थे। पिता ने कार ले ली लेकिन कभी चाबी नहीं देते। नौकरी करने के दौरान उसके सारे रुपये भी पिता रख लेते। घर में खाने को लेकर उसे रोक टोक करते थे। यह बात उसे अच्छी नहीं लगती। शादी का मामला अलग से पेंडिंग था इसलिए उसने पिता और बहन को मार डाला।
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पुलिस की गिरफ्त में पुल्कित।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
पुलिस ने इस तरह पकड़ा
डीसीपी पंकज पांडे ने बताया कि पुलिन अपने पिता कमलकिशोर के बैंक खाते के चार एटीएम कार्ड उपयोग कर रहा था। इसके आधार पर पुलिस द्वारा तकनीकी जांच से पता चला कि आरोपी बडोदरा गुजरात में हैं। जिस पर पुलिस टीम गुजरात भेजी गई लेकिन तब तक आरोपी पणजी गोवा जा चुका था। इसके बाद पुलिस टीम पणजी गोवा में गई और आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। आरोपी की लोकेशन के आसपास के करीब 50 सीसीटीवी कैमरा वीडियो फुटेज देखे। पुलिन लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। उसने गोवा में एटीएम से रुपए निकालकर चारों एटीएम फेंक दिए थे। गोवा के मुखबिरों ने पुलिस को बस स्टैंड के पास उसकी लोकेशन बताई। वह एक कॉटेज में रह रहा था। संयोगितागंज पुलिस ने पहले बुकिंग करवाने वाले ब्रोकर से बात की और फिर वह पुलिन तक पहुंची। इसके बाद उसे शनिवार को उसे हिरासत में ले लिया गया।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान जानकारी देते पुलिस अधिकारी।
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पुलिन को पकड़ने के लिए पुलिस उपायुक्त द्वारा दस हजार रुपए के ईनाम की घोषणा भी की गई थी। थाना संयोगितागंज पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय तिवारी के मार्गदर्शन में टीम के उप निरीक्षक अरविंद खत्री, ब्रजेंद्र पाठक, विपिन कांबले, कालीचरण, राम लखन शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।