समिट में शामिल आर्किटेक्टों ने कई विषयों पर चर्चा की।
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आर्किटेक्चर समिट का आयोजन इंदौर में किया गया। जिसमें देशभर के आर्किटेक्टों ने हिस्सा लिया। समिट में विशेषज्ञों ने कहा कि घर अच्छा और मजबूत बने, इसके साथ ही जरूरी है कि आधुनिक तकनीक भी इसमें शामिल हो। हरियाली का ध्यान भी घर और संस्थानों की साज सज्जा में रखा जाना चाहिए । यह भविष्य की जरुरत है। मिट्टी, पानी, हरियाली से मनुष्य खुद को जुड़ा हुआ महसूस करता है, इसलिए आजकल घरों में फव्वारें, पौधों का चलन तेजी से बढ़ा है।
आर्किटेक्ट अरमान खान ने बताया कि वास्तुकला, निर्माण सामग्री, नवाचार और डिजाइन से रुबरु कराने के उद्देश्य से यह समिट आयोजित की गई थी, जिसमें आर्किटेक्चर और इंटीरियर डिजाइनिंग में प्रौद्योगिकी और उन्नति, पैरामीट्रिक डिजाइन का उपयोग, ग्रीन बिल्डिंग काॅन्सेप्ट जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे।
आर्किटेक्ट परेश कापडि़या, विकास ठक्कर, अभिषेक जुल्का, हिमांशु दुधवल्कर, अश्विनी घोड़के सहित अपने विचार रखे। समिट में कहा गया कि समय के साथ अब घरों की जरुरतें बदल गई है। अब फिर से लोग पुराने तरीकों को पसंद कर रहे है।
प्राकृतिक प्रकाश, हवा के लिए लोग घरों में ज्यादा स्पेस रखने लगे है। ड्राइंग रुम में हरियाली के लिए जोर दिया जाता है। वर्टिकल गार्डन घरों और संस्थानों में बनाए जा रहे है। समिट में प्रश्नोत्तर के लिए भी समय रखा गया। वास्तुकला से जुड़े विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से कई सवाल भी पूछे। यह समिट अब तक दिल्ली, मुंबई, कोलकता, हैदराबाद, बैंगलोर, चेन्नई, , कोच्चि सहित अन्य शहरों में हो चुकी है।