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Indore: इंदौर में भी खड़ी मौत की कई दीवारें, छह मिलों की 70-80 साल पुरानी दीवार हो चुकी है खतरनाक

सार

विशेषज्ञों का कहना है कि इंदौर के मिलों की दीवारें ज्यादा खतरनाक है,क्योकि मिल बंद होने के कारण इनका वर्षों से रखरखाव नहीं हुआ। इसके अलावा इनकी ऊंचाई 20 से 25 फीट तक है। दीवारें सिर्फ ईट की जुड़ाई कर बनाई गई है। उन पर प्लास्टर भी नहीं है।
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इंदौर में मौत की खतरनाक दीवारें। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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70 साल पुरानी राजकुमार मिल मंडी की बूढ़ी दीवार, न बीम का पता, न प्लास्टर । ईटों की जमावट ऐसी की जोर से धक्का दे तो भरभरा कर गिर जाए। इन दीवारों के नीचे रोज हजारों लोग सब्जियां खरीदने आते है। किसी भी दिन ये खतरनाक हो चुकी दीवार हादसे की बड़ी वजह बन सकती है।

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मध्य प्रदेश में दीवारें गिरने की अलग-अलग घटनाअेां में दो माह में 18 मौतें हो चुकी है। शुक्रवार को महाकाल लोक की दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। इससे पहले सागर में 9 बच्चे और दतिया सात लोगों की मौत हो चुकी है।

इंदौर में नगर निगम खतरनाक भवनों को तोड़ रहा है, लेकिन इन दीवारों की तरफ ध्यान नहीं है। इन दीवारों के आसपास अनंत चतुदर्शी पर तीन दिन का मेला लगा, जहां हजारों लोग मौजूद थे। लोग भी जान दांव पर लगाकर इन दीवारों के आसपास सामान बेचते है या गाड़ी पार्क करते है।

डेढ़ किलोमीटर की दीवारें हो गई खतरनाक

इंदौर की सात मिलों की डेढ़ किलोमीटर लंबी दीवारें खतरनाक स्थिति में है। हुकमचंद मिल परिसर के कुछ हिस्से में हाऊसिंग बोर्ड ने नई दीवार बना दी, लेकिन स्वदेशी मिल ब्रिज के नीचे खतरनाक दीवार के पास ही 100 से ज्यादा गुमटियां है।

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इसके अलावा शिवाजी नगर की तरफ दो बड़े मंदिर है, जहां रोज लोग एकत्र होते है। मालवा मिल की दीवार का बड़ा हिस्सा खतरनाक हो चुका है। इस मिल की तीन दिवारों की तरफ 200 से ज्यादा दुकानें है और लोग फुटपाथ पर भी बैठकर सामान बेचते है।

ऊंचाई ज्यादा और प्लास्टर भी नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि इंदौर के मिलों की दीवारें ज्यादा खतरनाक है,क्योकि मिल बंद होने के कारण इनका वर्षों से रखरखाव नहीं हुआ। इसके अलाव इनकी ऊंचाई 20 से 25 फीट तक है। दीवारें सिर्फ ईट की जुड़ाई कर बनाई गई है। उन पर प्लास्टर भी नहीं है। इस वजह से इनके गिरने का खतरा ज्यादा है। मिलों के आसपास नगर निगम ने जो सड़कें चौड़ी की। उनका मलबा भी मिल परिसर में फेंक दिया। इससे दीवारें और कमजोर हो गई है। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि जल्दी ही मिलों की दीवारों का सर्वे कराया जाएगा और उन्हें हटाया जाएगा।

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दीवारें नहीं होती खतरनाक सूची में शामिल
नगर निगम ने खतरनाक भवनों की सूची बनाई है। जिसमें 100 से ज्यादा मकान शामिल है, लेकिन खतरनाक दीवारों को कभी शामिल नहीं किया जाता, जबकि मिलों की दीवारें खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी है।

 

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