राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शनिवार को शिवपुरी के यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूआईटी) के डायरेक्टर प्रो. राकेश सिंघई को इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल चार साल का होगा। प्रो. रेणू जैन शुक्रवार को ही रिटायर हुई हैं। इसके बाद इंदौर के देवी अहिल्या विवि के कुलपति की कुर्सी खाली हो गई थी।
अमर उजाला ने प्रोफेसर राकेश सिंघई से विशेष बातचीत की। उन्होंने राज्यपाल मंगुभाई पटेल और प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि "मुझे खुशी है कि प्रदेश सरकार और राज्यपाल ने इंदौर का कुलपति नियुक्त किया है। मेरी कोशिश होगी कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की छवि और प्रतिष्ठा को बेहतर बनाया जाए। छात्रों को बेहतर माहौल देना मेरे एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगा। प्रदेश में इस समय सिर्फ ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के पास ही A++ ग्रेड है। हमारी कोशिश होगी कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय भी यह उपलब्धि हासिल करें।
कोर्सेस की समीक्षा होगी
प्रोफेसर सिंघई ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करने पर फोकस होगा। सभी कोर्सेस की समीक्षा करेंगे। उन्हें रोजगारोन्मुख बनाया जाएगा। उन कोर्सेस पर फोकस करेंगे जो उन्हें जॉब मार्केट के लिए तैयार करें। परीक्षाएं समय पर होने और परिणाम समय पर जारी करने की कोशिश होगी। यह भी हमारे एजेंडे में सबसे ऊपर होगा।
डीएवीवी के पूर्व छात्रों के साथ मिलकर काम करेंगे
प्रोफेसर सिंघई ने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय प्रदेश ही नहीं देश के नामी विश्वविद्यालयों में से एक है। यहां के पढ़े विद्यार्थी आज कई महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित पदों पर हैं। सभी के साथ मिलकर काम करेंगे और इस विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा की चमक को और बढ़ाने पर फोकस करेंगे।
रेणू जैन ने किया कार्यकाल पूरा
देवी अहिल्या विवि की कुलपति रेणू जैन 27 सितंबर को रिटायर हुई हैं। 24 साल बाद पहली बार इंदौर के इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में कोई कुलपति अपना कार्यकाल पूरा कर सका है। इससे पहले के कुलपतियों में से कुछ ने इस्तीफा दिया तो कुछ को हटाया गया था। रेणू जैन इंदौर की यूनिवर्सिटी की पहली और अब तक की इकलौती महिला कुलपति रही हैं।