फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore: समलैंगिक विवाह के विरोध में जुटे सैकड़ों लोग, कहा- यह देश की संस्कृति को बर्बाद करने का षड्यंत्र

Thu, 27 Apr 2023 07:07 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में एक केस की सुनवाई चल रही है। वहीं इन सबके बीच इंदौर में इसको लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इसमें कई सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
समलैंगिक विवाह का विरोध - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दिए जाने पर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में एक केस की सुनवाई चल रही है। वहीं इन सबके बीच इंदौर में इसको लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इसमें कई सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। गुरुवार शाम को ये सभी संगठन के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। यहां पहुंचे लोगों ने कहा कि समलैंगिकों की शादी के पीछे अंतरराष्ट्रीय संगठनों का हाथ है। यह सब मिलकर देश की संस्कृति को बर्बाद करना चाहते हैं।
विज्ञापन


कौन कौन हुआ शामिल
कलेक्टर कार्यालय में हुए विरोध प्रदर्शन में शहर की कई संस्थाएं शामिल हुईं। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं और छात्र भी पहुंचे। कई कालेजों के छात्र, फैकल्टी, महिला संगठन, एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया। कई हिंदू संगठनों के अलावा यहां पर यादव समाज, जैन समाज, जायसवाल समाज सहित अन्य समाज के महिलाओं-पुरुषों ने भी कलेक्टोरेट पर विरोध प्रदर्शन किया। 

भारतीय संस्कृति को बर्बाद नहीं होने देंगे
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने एक सुर में कहा कि हम भारतीय संस्कृति को बर्बाद नहीं होने देंगे। भारतीय संस्कृति की अपनी परंपरा है। समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने का मामला संसद का विषय है फिर क्यों इसे सुप्रीम कोर्ट में सुना जा रहा है।
विज्ञापन


मांगें नहीं मानीं तो जारी रहेगा विरोध
यह विरोध प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला। मुस्लिम समाज की महिलाओं ने कहा हम अपनी बात दिल्ली तक पहुंचाना चाहते हैं। यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं हाथ में विरोध स्वरूप तख्तियां लिए खड़ी थीं। सभी ने कलेक्टर इलैया राजा टी को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने कहा कि इस तरह के विवाह को मान्यता दी गई तो समाज में सदियों से जारी विवाह की मान्यताएं ही खत्म हो जाएंगी। इससे समाज पर विपरीत असर पड़ेगा। नई पीढ़ी को इससे बहुत नुकसान होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें