इंदौर में शुक्रवार सुबह एक दिव्यांग युवती काजल पिता गोपाल यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में मृतका के परिवार ने थाने में अर्थी ले जाकर हंगामा भी किया था। उनका कहना था कि पड़ोसी द्वारा लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था जिससे पूरा परिवार तनाव में था। पड़ोसी ने पिता पर झूठा केस भी दर्ज करवा दिया था जिसके बाद से पिता घर नहीं आ रहे थे। पिता की याद में युवती रात भर रोई और सुबह नहीं उठी।
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पुलिस ने अब इस मामले में मृतका के घर के सामने रहने वाले परिवार के पति-पत्नी और बेटी पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का केस दर्ज किया है। आरोपी परिवार सात साल पहले तक अहिरवार सरनेम लगाता था। इसके बाद में उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया और पड़ोसी पर भी लगातार धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने लगे। विजयनगर पुलिस तीनों आरोपियों की तलाश कर रही है।
विजयनगर इलाके के सोलंकी परिवार ने अपने घर के सामने रहने वाले दशरथ टोनेरे उनकी पत्नी रेखा टोनेरे और बेटी रवीना टोनेरे पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि ये सब लोग हमेशा हमसे विवाद करते रहते थे। कुछ दिन पहले दशरथ टोनेरे ने पिता पर विजय नगर थाने में महिला को छेडऩे का झूठा केस दर्ज करा दिया था। जिसके चलते दिव्यांग बेटी काजल तनाव में थी। काजल की बड़ी बहन खुशबू यादव ने दशरथ टोनेरे, रेखा टोनेरे और उनकी बेटी रवीना टोनेरे के खिलाफ धमकी देने और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत केस दर्ज करवाया है।
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खुशबू ने बताया कि दशरथ ने एक महीने पहले पिता और उनके यहां रह रहे किराएदार पर केस दर्ज कराया था। गिरफ्तारी के डर से पिता घर पर नहीं रह रहे थे। इस वजह से गुरुवार को काजल पिता गोपाल को याद करते हुए बहुत रोई और सुबह उठी ही नहीं। इसके बाद में परिवार के लोग सुबह उसका शव लेकर विजयनगर थाने पहुंच गए थे।