इंदौर की देवी अहिल्याबाई होलकर फल एवं सब्जी मंडी में फर्म गंगा ट्रेडिंग कंपनी का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। मंडी में सात किसानों ने इस फर्म की शिकायत की थी। इसमें किसानों ने लिखित आवेदन दिया था कि हमारी उपज क्रय होने के बाद भी हमें भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस पर मंडी सचिव ने फर्म का लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
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हर किसान का लाखों रुपए
कृषि उपज मंडी समिति इंदौर के सचिव नरेश कुमार परमार ने बताया कि सात किसानों की शिकायत मिली थी। इनके नाम अरबअली पटेल, गोपाल, सागर यादव, रामनारायण यादव, त्रिलोक यादव, सतीश और संतोष हैं। गंगा ट्रेडिंग कंपनी ने अरबअली के चार लाख 80 हजार रुपए, गोपाल के एक लाख 40 हजार रुपए, सागर यादव के 70 हजार रुपए, रामनारायण यादव के एक लाख 30 हजार रुपए, त्रिलोक यादव के एक लाख 79 हजार रुपए, सतीश के 2 लाख 49 हजार रुपए, संतोष के एक लाख 98 हजार रुपए नहीं दिए थे। इस शिकायत पर संबंधित फर्म से जवाब मांगा गया। जांच के बाद में यह पता चला कि फर्म ने किसानों का भुगतान निर्धारित पांच दिन की समय सीमा के बाद में किया। जो मप्र कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 37 (2) (ग) का उल्लंघन है। कृषि उपज मंडी समिति, इंदौर द्वारा पारित प्रस्ताव क्र. 01 से मंडी अधिनियम 1972 की धारा 33 के तहत् उपरोक्त फर्म की अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त की गई है। यह फर्म गंगा ट्रेडिंग कंपनी अकरम पिता नियामत खान की है।
किसानों की शिकायत पर होती है कार्ऱवाई
नरेश कुमार ने बताया कि कार्ऱवाई के बाद अब फर्म के द्वारा मंडी में व्यापार नहीं किया जा सकेगा। किसानों के साथ वह मंडी में किसी भी तरह का व्यापार नहीं कर सकते। वे भोपाल मुख्यालय में जाकर अपील कर सकते हैं। नरेश कुमार ने बताया कि किसानों की शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाता है। हमारा प्रयास है कि मंडी में पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ व्यापार हो और किसानों और व्यापारियों सभी को एक बेहतर व्यवस्था दी जाए।