इंदौर में किसान के पास गाड़ी की किश्तें कम करवाने के लिए फोन आया। ठग ने जैसे ही क्यूआर कोड स्कैन करवाया किसान के खाते से पैसे कटकर ठग के खाते में ट्रांसफर हो गए।
साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं और बहुत प्रयास के बाद भी लोग इनका शिकार बनते जा रहे हैं। हाल ही में इंदौर में साइबर क्राइम के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक और जहां पुलिस और सामाजिक संस्थाएं जागरूकता अभियान चला रही हैं वहीं साइबर अपराधी और शातिर होते जा रहे हैं। इंदौर में दर्ज हुआ मामला बताता है कि किस तरह से साइबर अपराधी लोगों को नए-नए तरीकों से चपत लगा रहे हैं।
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गाड़ी की किश्तें कम करवाने का बोले ठग
तेजाजी नगर थाना प्रभारी आईडी कानवन बताया सिल्वर स्प्रिंग में रहने वाले किसान भवानी सिंह राजपूत को बैंक के नाम से एक फोन आया और क्यूआर कोड स्कैन करते ही उनके खाते से पैसे कट गए। भवानी सिंह ने पुलिस को जानकारी दी कि उन्हें बैंक के नाम से कॉल आया और कहा गया कि आपने जो गाड़ी ली है उसकी किश्तें कम हो सकती हैं। इसके बाद उन्होंने बंैक की पूरी जानकारी ली और आखिर में एक क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए कहा। क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उनके खाते से चार बार में 53 हजार रुपए कट गए और बदमाशों के खाते में ट्रांसफर हो गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करवाया।
छत्तीसगढ़ का अकाउंट
थाना प्रभारी आरडी कांडवा के मुताबिक खाते से कटी हुई राशि छत्तीसगढ़ के एसबीआई अकाउंट में ट्रांसफर हुई है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर जब भी ऐसे मामले पुलिस के पास आते हैं तो यह यह खाते कमीशन वाले होते हैं जिनमें एक निश्चित अमाउंट देखकर साइबर अपराधी ठगी की वारदातों करते हैं। मामले की अभी जांच की जा रही है।
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पुलिस चली रही जागरूकता अभियान
पुलिस इंदौर में लगातार जागरूकता अभियान चला रही है लेकिन साइबर अपराधी लगातार नए तरीके खोजकर लोगों को चपत लगा रहे हैं। साइबर सेल के पास रोज नए प्रकार के मामले आ रहे हैं।