फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: सड़क हादसे में गई बेटे की जान, कोर्ट का आदेश- पैरेंट्स को 1.13 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति दे बीमा

Tue, 02 May 2023 01:22 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

कंपनी का कहना था कि पैरेंट्स अपना भरण पोषण करने में सक्षम हैं। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मोटरयान अधिनियम में क्षतिपूर्ति की राशि आश्रितों को नहीं, बल्कि वारिसों को दिलवाई जाती है।
विज्ञापन
कोर्ट का आदेश - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सड़क हादसे में बेटे की मृत्यु के बाद पैरेंट्स को इंदौर जिला न्यायालय ने एक करोड़ 13 लाख 41 हजार रुपए क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए हैं। यह रकम उस ट्रक का बीमा करने वाली बीमा कंपनी देगी जिसकी टक्कर से युवक की मौत हुई थी। इससे पहले बीमा कंपनी ने क्षतिपूर्ति की राशि देने से इनकार कर दिया था। कंपनी का कहना था कि पैरेंट्स अपना भरण पोषण करने में सक्षम हैं। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मोटरयान अधिनियम में क्षतिपूर्ति की राशि आश्रितों को नहीं, बल्कि वारिसों को दिलवाई जाती है। अब बीमा कंपनी को क्षतिपूर्ति की रकम 30 दिन में देनी होगी।
विज्ञापन


क्या था मामला
इंदौर के सांवेर रोड निवासी 23 वर्षीय आयुष गुप्ता 25 जुलाई 2018 को सुबह करीब 11.30 बजे अपनी मोटर साइकिल से जा रहा था। चेन्नई के गांधी मंडपन रोड पर एक ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी और फिर ट्रक का पहिया आयुष की कमर से गुजर गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आयुष ने आइआइटी मद्रास से बीटेक, एमटेक की पढ़ाई की थी। वह चेन्नई की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में ग्लोबल रिसर्च के पद पर पदस्थ था और कंपनी उसे 12 लाख रुपये प्रतिवर्ष भुगतान करती थी। 

कोर्ट ने कंपनी के तर्क खारिज किए
बीमा कंपनी ने यह कहते हुए प्रकरण का विरोध किया कि आयुष ने हेलमेट नहीं पहना था और उसके पास वैध लाइसेंस भी नहीं था। आयुष के माता-पिता भरण पोषण में सक्षम हैं, इसलिए उन्हें क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार नहीं है। एडवोकेट जाट ने बताया कि कोर्ट ने बीमा कंपनी के तर्कों को अस्वीकार करते हुए आदेश दिया कि वह मृतक के वारिसों को एक करोड़ 13 लाख 41 हजार 932 रुपये क्षतिपूर्ति का भुगतान करे। इस रकम पर दावा प्रस्तुत दिनांक से छह प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा। आयुष के पिता राजीव कुमार गुप्ता और माता वंदना ने एडवोकेट एनके जाट के माध्यम से जिला न्यायालय में ट्रक का बीमा करने वाली यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ट्रक के मालिक आर कलावथी निवासी चेन्नई और ड्राइवर सतीश कुमार पुंगावनम निवासी चेन्नई के खिलाफ क्षतिपूर्ति के लिए प्रकरण प्रस्तुत किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें