प्रसिद्ध लेखक, निर्देशक और पटकथा लेखक जोया अख्तर आज इंदौर पहुंचीं। फ्लो इंदौर के कार्यक्रम में उन्होंने कई पहलुओं पर चर्चा की। जोया अख्तर को जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, दिल धड़कने दो और गली बॉय जैसी प्रशंसित फिल्मों से खासी पहचान मिली है।
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शहर की बिजनेस वुमन्स से जोया ने कहा कि उन्होंने लेखन में महीनों खर्च किए और अपने पसंदीदा अभिनेता का समय मिलने का इंतजार भी किया। उनका मानना है कि एक फिल्म रिलीज के बाद अपनी किस्मत खुद लिखती है और निर्देशक को उसकी किस्मत को स्वीकार करना चाहिए। जोया अपने व्यक्तिगत मूल्यों को अपने पुरुष पात्रों में डालती हैं, जो उनके द्वारा पुरुषों में वांछित गुणों को दर्शाते हैं। उन्होंने अपनी फिल्मों में दोस्ती के महत्व को बड़ी खूबसूरती से दर्शाया है।
जोया ने कहा 15 साल की उम्र में मीरा नायर की सलाम बॉम्बे देखने के बाद मुझे इस क्षेत्र में आने का मन हुआ। उन्होंने बताया कि उनकी पसंदीदा फिल्म "द गॉडफादर" है, उनका मन सुपरमैन या स्पाइडरमैन जैसी फिल्में बनाने का है। उन्हें नृत्य करना, पढ़ना और अपने तीन कुत्तों के साथ समय बिताना पसंद है। उनका सबसे शर्मनाक पल "मेड इन हेवन" के सेट पर एक अभिनेत्री को निकालना था। जब उनसे वैकल्पिक करियर के बारे में पूछा गया, तो उनका उत्तर था - कानून।
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कार्यक्रम का संचालन फ्लो इंदौर की चेयरपर्सन आर विभा जैन सेठी ने किया। उन्होंने सभी का आभार माना। आयोजन में फ्लो इंदौर की संयुक्त सचिव ऋचा संचेती की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्थापक सदस्य आरती सांघी, रेखा मेहता, ममता बकलीवाल और रचना मित्तल शामिल थीं।