इंदौर के सफाई मॉडल की जानकारी लेता यमुना नगर से आया दल
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देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के सफाई मॉडल की देशभर में सराहना हो रही है और अलग-अलग शहरों से दल इसे देखने पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में हरियाणा के यमुना नगर से नगर निगम का दल इंदौर पहुंचा और कचरे को अलग करने से लेकर उसके ट्रांसफर स्टेशन तक पहुंचाने जैसी बातें देखी और समझी।
दरअसल यमुना नगर से आए दल में निगम के महापौर मदनलाल चौहान व निगमायुक्त अजय सिंह तोमर सहित 14 सदस्य शामिल थे। इस दल के सदस्यों ने कलेक्टर मनीष सिंह से मुलाकात की और स्वच्छता मॉडल की चर्चा की। कलेक्टर ने दल को 2015 से अब तक इंदौर में सफाई कार्य में किए गए बदलावों की जानकारी दी। दल के सदस्यों ने पालिका प्लाजा स्थित निगम का कंट्रोल कमांड सेंटर देखा। इसके बाद सैफी नगर में जीरो वेस्ट वार्ड को देखा। सदस्यों को बताया कि इस वार्ड में रहवासी अपने घरों के गीले कचरे से खाद तैयार करते हैं और सूखे कचरे को एकत्र कर निगम द्वारा निर्धारित कबाड़ी को दे देते हैं। इस तरह इस वार्ड से कचरा नहीं निकलता, इसलिए इसे जीरो वेस्ट वार्ड कहा जाता है। दल के सदस्यों ने देवगुराड़िया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में सूखे कचरे के प्रसंस्करण संयंत्र, बायो सीएनजी संयंत्र, मलबे व घरेलू निर्माण के सीएंडडी वेस्ट प्लांट को भी देखा।
घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था देखी
दल ने जोन 7 में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था देखी। आश्चर्य जताया कि इंदौरवासी अपने घरों से अलग-अलग डस्टबिन में संग्रहित कचरे को निगम के वाहन में डाल रहे हैं। इस कार्य में वाहन चालक के साथ सहायक भी उनकी मदद कर रहे हैं। इसके बाद दल के सदस्य मेघदूत उद्यान का अवलोकन करने पहुंचे। यहां उन्होंने देखा कि किस तरह जल-मल को उपचारित कर उद्यान में सिंचाई करने और फव्वारे में उपयोग किया जा रहा है। इसके बाद यह दल स्टार चौराहा स्थित गारबेज कचरा ट्रांसफर स्टेशन देखने पहुंचा। उन्हें बताया गया कि यहां घर-घर कचरा संग्रहण के बाद आने वाले कचरे को बड़े वाहनों के माध्यम से ट्रेंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाता है। सबकुछ देखने के बाद दल के सदस्यों ने कहा कि नगर में प्रसंस्करण से पहले भी कचरे को जैसे अलग-अलग किया जाता है और कचरा ट्रांसफर स्टेशन तक पहुंचाया जाता है, इसकी तो हम कल्पना भी नहीं कर सकते। इंदौर में स्वच्छता के क्षेत्र में काफी अच्छा कार्य हो रहा है।