Ratlam: सुराना गांव में घरों पर लिखा 'मकान बिकाऊ है' मिटा दिया गया है।
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हिंदू परिवारों द्वारा घर छोड़कर जाने की बात पर चर्चित हुए रतलाम जिले के सुराना गांव में अब सब ठीक बताया जा रहा है। गांव में अस्थाई पुलिस चौकी दिन में खोल दी गई, शाम होते-होते गांव के छह अतिक्रमण भी तोड़ दिए।
बता दें कि मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के सुराना गांव में मुस्लिम समुदाय पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर कुछ हिंदू परिवारों ने पलायन की धमकी दी थी। ग्रामीणों का आरोप था कि मुस्लिम लोग धमकाते हैं। प्रताड़ित करते हैं। कलेक्टर के नाम मंगलवार को इन लोगों ने ज्ञापन सौंपा था। कहा था कि तीन दिन में अपना घर, खेत, संपत्ति छोड़कर पलायन को तैयार हैं। हिंदू परिवारों ने अपने घर को बेचने का निर्णय लेते हुए यह घर बिकाऊ के तक लिख दिया था। सुराना गांव में कुल आबादी 2200 है। इसमें 60% मुस्लिम व 40% हिंदू हैं। यह गांव बिलपांक थाना क्षेत्र में आता है। ग्रामीणों में पिछले कुछ समय से तनाव है।
मामला सुर्खियों में आया तो मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम व एसपी गौरव तिवारी से बात की व दोनों अधिकारियों को 19 जनवरी को सुराना गांव भेजा। अधिकारियों ने दोनों समुदाय की पहले बैठक ली व इसके बाद समिति बनाते हुए गांव मे अस्थाई पुलिस चौकी दिन में खोल दी। एक सब इन्स्पेक्टर सहित कुल 13 लोग पदस्थ किए गए हैं। अवैध अतिक्रमण की 6 दुकान तोड़ी गईं। शासकीय नाली पर बना अवैध अतिक्रमण तोड़ा गया। तेजाजी मंदिर के पास का भी अतिक्रमण तोड़ा गया। पुराने अपराधी मयूर खां, शेरू उर्फ़ शेर अली और हैदर अली को गिरफ़्तार किया गया। तीनों का जिलाबदर भी पेश किया गया।आगे और भी कार्रवाई जारी है।
अब जिन ग्रामीणों ने घर छोड़कर जाने की चेतावनी दी थी, उसको वापस ले लिया गया है व गांव में शांति है। इतना ही नहीं घरों पर जो यह घर बिकाऊ है लिखा हुआ था उसको भी मिटा दिया गया है। प्रशासन ने कहा कि गांव की स्थिति के लिए असामाजिक तत्व जिम्मेदार हैं और दोनों समुदाय के सदस्य शांति से रहना चाहते हैं। सुराना गांव के हिंदू निवासियों के समूह ने मंगलवार को जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंप कर आरोप लगाया था कि उन्हें एक विशेष समुदाय के लोगों से धमकियां मिल रही हैं जो कि गांव की आबादी का 60 प्रतिशत हैं।