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इंदौर: लुटेरी दुल्हन ने खुद को ब्राह्मण बताकर की शादी, सात दिन रूकी और तीन लाख रुपये व गहने लेकर भाग गई

Tue, 10 May 2022 04:46 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में लुटेरी दुल्हन ने ऐसा ठगा कि परिवार सदमें में चला गया। खुद को ब्राह्मण बताकर उसने शादी की मगर निकली अजा वर्ग से। शादी के सात दिन तक घर रूकी और आठवें दिन तीन लाख रुपये और गहने लेकर भाग गई। अब पुलिस तलाश कर रही है। 
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यह है लुटेरी दुल्हन जिसने ठगा परिवार को - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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लुटेरी दुल्हन के चक्कर में फंसकर एक परिवार लाखों रुपये गंवा बैठा। दुल्हन तो मिली नहीं, घर में रखी नकदी और जेवरात भी चले गए। शादी के वक्त कहा था कि लड़की ब्राह्मण परिवार से है और अविवाहित है लेकिन बाद में पता चला वह अजा वर्ग की है। जिन लोगों ने शादी करवाई थी उनके मोबाइल भी बंद है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। 
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जानकारी के मुताबिक लुटेरी दुल्हन ने शादी की और सात दिन पति के साथ गुजारकर आठवें दिन भाग गई। घर में रखे तीन लाख रुपये और जेवरात भी ले गई। बाणगंगा थाना पुलिस ने बताया कि विजया पंड्या (60) निवासी रेवती रेंज ने शिकायत की है। मामला जुलाई 2021 का है। फरियादी के बेटे राहुल की शादी के लिए काजल उर्फ ज्योति व राधेश्याम ने संपर्क किया और कुछ लड़कियों के फोटो दिखाए। सभी फोटो देखने के बाद एक लड़की का फोटो पसंद आया। उन्होंने शादी तय होने पर 90 हजार रुपये खर्च की बात कही। शुरुआत में पांच हजार रुपये भी ले लिए। इसके बाद काजल और राधेश्याम ने पीड़ित परिवार को रानी उर्फ रिया की बहन ललिता से मिलवाया और उसका आधार कार्ड व पैनकार्ड बताते हुए ललिता के अविवाहित जोशी ब्राह्मण परिवार से होने की जानकारी दी। इसके बाद शादी के लिए पीड़ित परिवार पर दबाव बनाते हुए शादी पक्की करने के नाम पर ललिता के हाथ में बतौर नेग 25 हजार रुपये रखवाए। फिर ललिता के मुंहबोले भाई आकाश उर्फ राहुल व राधेश्याम पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शादी के खर्च के नाम पर 90 हजार रुपये का प्रामेसरी नोट लिया।

इसके बाद फरियादी विजया के बेटे राहुल से ललिता की शादी करवा दी। शादी के सात दिन बाद ही ललिता चढ़ाई हुई रकम व तीन लाख रुपये लेकर घर से भाग गई। फरियादी ने राधेश्याम से संपर्क किया तो पहले तो वह बहाने बनाने लगा, बाद में उसने बताया कि ललिता अजा वर्ग से है।  उसका आधार व पैनकार्ड फर्जी था। बाद में सभी आरोपियों ने मोबाइल बंद कर लिए। पुलिस ने शिकायत पर आरोपित राधेश्याम, काजल उर्फ ज्योति, रानी उर्फ रिया, आकाश उर्फ राहुल व ललिता उर्फ लल्ली के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। विजया ने बताया कि जब ललिता को उससे मिलवाया गया था तो उसे ब्राह्मण परिवार की युवती की बात कही थी। बाद में पता चला कि वह दलित समाज से है। घटना के बाद राधेश्याम और काजल विजया के परिवार पर ही उल्टा आरोप लगाते रहे। लेकिन बाद में जब विजया ने सोने-चांदी की रकम और तीन लाख रुपए मांगे, तो वे बहाने बनाने लगे। इसके बाद राधेश्याम और काजल ने अपने मोबाइल बंद कर लिए। 
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