अलग अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां अर्जित कर रहा इंदौर अब वायु गुणवत्ता के देश के टॉप-10 शहरों में शामिल होने की राह पर है। फिलहाल इंदौर 13वें नंबर पर है और इसे और बेहतर करने की दिशा में कोशिशें तेज होने लगी है। शहर में सीएनजी बसों के चलने के टेंडर हो चुके हैं तो ई-रिक्शा के रुट भी तय किए गए हैं। विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है ताकि जल्द ही इंदौर के सिर पर एक और ताज सज सके।
संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने इस संबंध में बैठक लेकर कहा है कि वायु गुणवत्ता में सुधार कर इंदौर शहर को बेहतर आबोहवा वाले देश के टॉप 10 शहरों में शामिल करवाने के समन्वित प्रयास किए जाए। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, परिवहन, खाद्य, स्वास्थ, कृषि, पुलिस सहित अन्य सभी विभाग मिलजुलकर प्रभावी प्रयास सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई बेहतर आबोहवा वाले 43 शहरों की सूची में वर्तमान में इंदौर 13वें नंबर पर है।
एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की समीक्षा
संभागायुक्त नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत वायु गुणवत्ता के सुधार के संबंध में बनाए गए एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु गठित अंतरविभागीय समिति की बैठक में शामिल हुए थे। कलेक्टर, निगमायुक्त सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी इसमें शामिल हुए। बैठक में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत वायु गुणवत्ता के सुधार के संबंध में बनाए गए एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बताया गया कि नगर निगम इंदौर को शहर की वायु गुणवत्ता की सुधार के संबंध में बनाए गए एक्शन प्लान के विभिन्न कार्यों के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2020-21 में 101 करोड़ रुपए दिए गए थे। इस राशि से नगर निगम द्वारा व्यापक कार्य करवाए गए।
100 टीपीडी का ट्रीटमेंट प्लांट एवं पांच ट्रांसफर स्टेशन
कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इंदौर जिले में पराली जलाने पर प्रतिबंधों का पालन करवाया जा रहा है। खुले में कचरा जलाने के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है। आयुक्त नगर निगम प्रतिभा पाल ने बताया कि इस संबंध में नगर निगम द्वारा 29 स्थानों पर स्पॉट फाइन की कार्रवाई कर 14 हजार 450 रुपए का अर्थदण्ड किया गया है। पिछली बैठक में लिए गए निर्णय को अमल में लाने में नगर निगम द्वारा धूल उडऩे वाले स्थानों की पहचान कर जल छिडक़ाव की व्यवस्था की गई। कंस्ट्रक्शन एवं डिमोलिशन (सीएंडडी) वेस्ट एवं अन्य वेस्ट के कलेक्शन एवं निपटान की सुचारू व्यवस्था हेतु 100 टीपीडी का ट्रीटमेंट प्लांट एवं पांच ट्रांसफर स्टेशन है। कंस्ट्रक्शन एवं डिमोलिशन (सीएंडडी) वेस्ट की प्रभावी रोकथाम हेतु समस्त निर्माणाधीन भवनों को बिल्डर द्वारा ग्रीन नेट के माध्यम से कवर करने की अधिसूचना जारी की गई है। मलबे को खुले में एकत्रित करने एवं वाहनों में बिना ढके ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। छोटे होटलों में कोयले के तंदूर के इस्तमाल के संबंध में रोक लगाए जाने के बारे में बताया गया कि इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अभी तक 85 तंदूर बंद करवाए जा चुके हैं।
23 प्रदूषण जांच केंद्र खोले
15 वर्ष से अधिक पुराने डीजल चलित व्यवसायिक वाहनों पर रोक, वाहनों में प्रदूषण जांच आदि के लिए क्षेत्रीय परिवाहन अधिकारी को निर्देशित किया गया है। वाहनों के प्रदूषण स्तर की जांच के लिए केन्द्र बनाए जाने के संबंध में सभी ऑइल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं। अभी तक 23 प्रदूषण जांच केन्द्र खोले जा चुके हैं। पेट्रोल पम्पों में फ्यूल एडल्ट्रेशन नियमित रूप से की जा रही है। इस संबंध में खाद्य विभाग द्वारा गत जुलाई से लेकर अभी तक 34 पेट्रोल पम्पों की जांच की गई। इनके द्वारा 103 वाहनों में र्इंधन की जांच की गई, इनमें से तीन वाहन संचालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि ईंधन वितरक कंपनियां पेट्रोल पम्प में वाहनों के प्रदूषण संबंधी जांच में सक्रियता रखें। शहर के प्रवेश मार्गों में चिन्हित पेट्रोल पम्पों में यह सुविधा रखें की पांच हजार रुपए का ईंधन भरवाने पर नि:शुल्क प्रदूषण की जांच कर वाहन को पीयूसी प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
250 सीएनजी बसें स्वीकृत
इस अवसर पर सीएनजी और ई-बसों के संचालन के संबंध में चर्चा हुई। बताया गया कि अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड द्वारा 400 बसों के टेंडर किए जा चुके हैं। एजेंसी से एग्रीमेंट हो चुका हैं। आगामी 31 मार्च तक सभी बसें प्राप्त हो जाएंगी। राज्य शासन से अमृत योजना के अंतर्गत 250 सीएनजी बसों की स्वीकृति मिल गई है। इनके भी टेंडर हो चुके हैं। इंदौर में ई-रिक्शा के 51 रूट निर्धारित हो चुके हैं। इन रूट्स पर 150 वाहन चालकों ने ई-रिक्शा संचालन की अनुमति ली है। शहर में 12 मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की योजना थी, इनमें से 9 मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण पूरा कर उन्हें संचालित किया जा रहा है। शेष तीन मल्टी लेवल पार्किंग का कार्य आगामी दो वर्षों में हो जाएगा। नगर निगम के पौधरोपण अभियान के तहत इस वर्ष अगस्त माह में पांच लाख पौधे रोपे गए। सड़कों की मरम्मत, ट्रैफिक कंजेक्शन वाले हॉटस्पॉट क्षेत्र में सड़क सुधार आदि के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।