इस तरह जमीन में बिछा रखी थी पाइपलाइन।
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कान्ह नदी में दूषित जल बहाने के मामले में कलेक्टर द्वारा गठित टीम की जांच में रोज कुछ न कुछ नया सामने आ रहा है। जांच दल ने जब एक उद्योग को देखा तो पाया कि दूषित जल नदी में बहाने के लिए भी चालाकी से काम किया गया। जमीन के अंदर करीब ढाई किमी की पाइपलाइन बिछा दी ताकि किसी की नजर न पड़े। इसी से दूषित जल नदी में बहाया जा रहा था। दो उद्योग सील किए और चार जगह उत्पादन बंद करवाया।
दरअसल कलेक्टर मनीष सिंह ने कान्ह नदी में इंडस्ट्रीयल वेस्ट छोड़ने वाले उद्योगों की जांच के लिए दल बनाया है। इस जांच दल में प्रशासनिक अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी तथा नगर निगम के अधिकारी शामिल हैं। इस दल ने मांगलिया स्थित रुचि सोया इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया। यहां दूषित जल नदी में बहाया जा रहा था। इंडस्ट्री ने चोरी-छिपे जमीन के अंदर लगभग ढाई किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछा रखी थी, जिससे उद्योग का दूषित जल फेंका जा रहा था। यह सीधे नाले में जाता था।