इंदौर के 130 साल पुराने और प्रतिष्ठित होलकर विज्ञान महाविद्यालय प्रशासन इंस्टाग्राम पर की गई अश्लील टिप्पणियों के खिलाफ सख्त हो गया है। कॉलेज प्राचार्य सुरेश सिलावट ने साइबर क्राइम पुलिस को लिखित शिकायत की है। साथ ही कॉलेज में मोबाइल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्राचार्य ने वीडियो जारी कर यह भी कहा है कि अगर इसमें कोई स्टूडेंट शामिल पाया गया तो उसे तत्काल टीसी देकर कॉलेज से निकाल दिया जाएगा।
दरअसल, इंस्टाग्राम पर होलकर कॉलेज के नाम से तीन अलग-अलग अकाउंट बने हैं। इन पर कॉलेज प्रशासन को लेकर भद्दे और अश्लील कमेंट किए जा रहे हैं। कुछ शिक्षकों को लेकर अश्लील टिप्पणियां भी की गई हैं। प्राचार्य ने कहा कि ये कॉलेज एक सरकारी उपक्रम है। इसके नाम पर इस तरह के अकाउंट कोई नहीं खोल सकता। कॉलेज की छवि को धूमिल करने की कोशिश हो रही है। यह अधिकारी किसी को नहीं है। प्राचार्य के मुताबिक इस मामले में कॉलेज के नए-पुराने स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं। उन्होंने किसी पर भी कोई टिप्पणी न करते हुए सबूतों के साथ मामले की शिकायत साइबर पुलिस में की है।
130 साल पुराना है होलकर विज्ञान महाविद्यालय
होलकर विज्ञान महाविद्यालय इंदौर के सबसे पुराने कॉलेजों में से एक है। 10 जून 1891 को होलकर वंश के महाराजा शिवाजीराव होलकर ने इसकी आधारशिला रखी थी। 36 एकड़ में फैले कॉलेज में इस समय मैथमेटिक्स और बायोलॉजी के 10 से अधिक विभाग संचालित हो रहे हैं। 1985 में इसे आदर्श (मॉडल) कॉलेज का दर्जा दिया गया था। 1988 में यह स्वशासी (ऑटोनोमस) बना। 2015-16 में इसे ग्रेडिंग करने वाली एजेंसी नेक (NACC) ने ए ग्रेड दिया है।