देश में सफाई में नंबर वन शहर इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, जिनके कार्यकाल में इंटरनेशनल उड़ानें शुरू हुईं। जो इंदौर को नई पहचान दिलाना चाहते हैं, चाहे वो स्टार्टअप कैपिटल के रूप में हो, चाहे वो पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन में क्रांति लाने को लेकर हो। इंदौर की राजनीति का अलग ही चेहरा रहे लालवानी ने अमर उजाला के साथ खास बातचीत की है। उनका कहना है कि इंदौर के चौतरफा विकास के लिए काम कर रहे हैं। वाटर मैनेजमेंट में मंगलवार को राष्ट्रपति से पुरस्कार मिलने वाला है।
ताई इंदौर में 30 साल तक सांसद रहीं, उसके बाद आपको मौका मिला, क्या चैलेंज आपके सामने थे?
लालवानी- चैलेंज तो पार्लियामेंट को समझने का रहा। वर्किंग में तो कोई दिक्कत नहीं रही। शहर में इतने साल से काम कर ही रहा हूं। तीन बार पार्षद रहा, शहर भाजपा का अध्यक्ष, विकास प्राधिकरण का चेयरमैन रहा हूं तो ग्राउंड लेवल पर काम को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुई। पार्लियामेंट समझने में, उसकी प्रोसिजर समझने में जरूर 6-7 महीने लग गए। हालांकि अभी भी सीख ही रहा हूं। सांसद बनने से पहले हम लोकल लेवल ही सक्रिय थे, वहां गए तो ब्रॉड लेवल पर देखने का मौका मिला। पूरा देश की बातें सुनने को मिलीं, उसे फेस करना जरूर एक चैलेंज रहा।
सांसद बनने के बाद आपने प्राथमिकताएं क्या तय की थीं?
लालवानी- हम सभी की एक ही मंशा है कि इंदौर और आगे बढ़े। इसके लिए हम ईको सिस्टम की तरह काम कर रहे हैं। हम स्वच्छता में नंबर वन आ गए। प्रदूषण कम करने की कोशिश कर रहे हैं। वेस्ट वाटर को रिसाइकल करने के लिए हम काम कर रहे हैं। नदी नाले के रूप में थीं, उसे फिर से नदियों में बदलने की कोशिश जारी है। वाटर मैनेजमेंट में मंगलवार को राष्ट्रपति से पुरस्कार मिलने वाला है। इसके साथ-साथ जो ईको सिस्टम में डेवलपमेंट हुआ, इन्फ्रास्ट्रक्चर जो खास है शहर के विकास के लिए।
शहर के विकास के लिए आपके हिसाब से क्या जरूरी होता है?
लालवानी- किसी भी शहर के विकास के लिए दो-तीन चीजें जरूरी हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर अच्छा होना चाहिए, सड़कें अच्छी होना चाहिए, कनेक्टिविटी अच्छी होना चाहिए। हमारी रोड कनेक्टिविटी, रेल कनेक्टिविटी भी तेजी से बढ़ रही है। इस बार रेल के लिए बजट में भी काफी अच्छा पैसा मिला है। तीसरा एयर कनेक्टिविटी, मेरे कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट शुरू हुई। ये बड़ी उपलब्धि थी। इसके साथ-साथ कनेक्टिविटी 100 के पार हुई है। इसके साथ ही मेट्रो का काम भी तेजी से चल रहा है। सीएनजी में हमने डेढ़ साल में बहुत तेजी से काम किया है। सीएनजी के प्लांट का प्रधानमंत्री जी ने लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि देश तभी आगे बढ़ेगा, जब शहर आगे बढ़ेंगे। उसी मंशा पर हम क्या बेहतर कर सकते हैं, उसी के लिए प्रयासरत हैं।
इंदौर में नया क्या कर रहे हैं आप?
लालवानी- स्टार्टअप को लेकर हमने बहुत काम किया है। इंदौर को हम स्टार्टअप कैपिटल बनाना चाहते हैं। उसके लिए जो भी ईको सिस्टम चाहिए, उसे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने भी पॉलिसी बनाई है। पॉलिसी इंदौर से ही लांच करने वाले हैं। मैंने स्टार्टअप को लेकर 500 लोगों को मीटिंग सीएम से करवाई थी। हम नई पॉलिसी भी कर रहे हैं। हमारे यहां से करीब 50 स्टार्टअप दुबई एक्पो में गए हैं। जिनको फ्री स्पेस मिला है, अपने स्टार्टअप दिखाने का केंद्र सरकार के माध्यम से। आईटी के क्षेत्र में नई पॉलिसी भी आ रही है। हमने सुझाव भी दिए हैं। इस क्षेत्र में हम काम कर रहे हैं।
हम अंतरराष्ट्रीय स्तर की सब्जी मंडी बना रहे हैं। उसकी प्लानिंग शुरू कर दी है। यहां से बहुत सारे गुड्स विदेशों तक जाते हैं। नेशनल कार्गों शुरू किया है। अब इंटरनेशनल कार्गो शुरू करने वाले हैं। कुछ दिन पहले बस स्टैंड का उद्घाटन किया है। दो और बस स्टैंड बन रहे हैं।
सफाई में नंबर वन हैं हम, ट्रैफिक उतना ही खराब बताया जाता है शहर का?
लालवानी- जी, सही कह रहे हैं ट्रैफिक को लेकर परेशानी है। हम इस भी लगातार काम कर रहे हैं। हाल ही में तीन बार मीटिंग की है। इसमें नेशनल लेवल के एक्सपर्ट को बुलाया था। दिल्ली की एक सर्वे टीम आई हुई है। जो काम कर रही है। इसे लेकर मास्टर प्लान बना रहे हैं। उसमें शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म, लांग टर्म तीन प्लान शामिल कर रहे हैं। शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म के जो प्लान हैं, उसके हिसाब से हमने काम शुरू किया है। ब्रिजेस के टेंडर शुरू हो गए हैं। पांच ब्रिज नेशनल हाईवे की तरफ से बनने हैं। माननीय नितिन गडकरी ने इंदौर के लिए स्वीकृत किए थे, उसके टेंडर भी हो गए हैं। एकसाथ पांच ब्रिज शहर के आउटर एरिए में बन रहे हैं। शहर के अंदर इंदौर विकास प्राधिकरण की तरफ से ब्रिज बना रहे हैं। ये तो था मीडियम टर्म। शॉर्ट टर्म में हमने जो रोड चौड़ी करने की बात कर रहे हैं, लेफ्ट टर्न की बात कर रहे हैं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ाने को लेकर 403 सीएनजी बसें शुरू करने वाले हैं। हम चाहते हैं कि पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन बढ़े। केबल कार का सर्वे शुरू हो गया है। जहां मेट्रो नहीं जा सकती, वहां केबल कार्य शुरू करेंगे। इस प्रकार की योजनाओं और सर्वे का काम चल रहा है।
सड़कें चौड़ी होने से क्या ट्रैफिक समस्या का हल निकल सकता है?
लालवानी- शहर की लगभग सड़कें चौड़ी हो चुकी हैं। हालांकि सिर्फ सड़कें चौड़ी होने से ट्रैफिक समस्या का हल नहीं निकलेगा। क्योंकि प्रति हजार व्यक्तियों पर वाहन बिकने की संख्या इंदौर में ज्यादा है। हम सबसे बड़े क्रेता हैं दोपहिया और चौपहिया वाहनों के देश में। तो हम कितनी भी सड़कें चौड़ी कर दें, फिर भी पार्किंग की समस्या आती है। ट्रैफिक में मूवमेंट बढ़ता है। फ्लोटिंग पापुलेशन करीब तीन लाख है इंदौर के आसपास के लोगों की। सड़क चौड़ी करने का काम तो चल रहा है, कुछ का काम बाकी है। बावजूद ट्रैफिक है, बाहर की गाड़ियां हैं, यहां की भी गाड़ियां है। इसलिए बाकी विकल्प पर भी सोचना पड़ेगा। खासकर पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन, इसी पर आगे बढ़ रहे हैं।