दिवंगत जैन संत आचार्यश्री विमद सागर का अंतिम संस्कार रविवार सुबह गोम्मटगिरी स्थित समर्थ सिटी के पास अंतिम संस्कार किया गया। समाजजन और परिवार की मौजूदगी में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। शनिवार को जैन संत विमद सागर ने नंदानगर स्थित उपाश्रय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसको लेकर हर कोई हैरान है कि आखिर आचार्यश्री ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
इधर, आचार्यश्री के निधन के बाद शनिवार रात को बड़ी संख्या में समाजजन उपाश्रय पहुंचे थे। पुलिस बल भी पहुंचा। यहां उनका पोस्टमार्टम करवाने पर भी आपत्ति की और समाजजनों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर आग्रह किया था कि आचार्यश्री का पोस्टमार्टम न हो, क्योंकि पोस्टमार्टम करवाने से दीक्षा खंडित होती है। हालांकि बाद में अधिकारियों के समझाने पर बात मान गए थे और रात को ही पोस्टमार्टम हुआ और रात को शव सेवादार अनिल जैन और अन्य लोगों को सौंप दिया गया था।
ऐनवक्त पर हुई घोषणा- नहीं लगाई जाएगी बोली
रविवार सुबह बड़ी संख्या में समाजजन गोम्मटगिरी समर्थ सिटी के पास एकत्रित हुए जहां निजी प्लॅाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। इसके पूर्व बोली लगाई जानी थी लेकिन ऐनवक्त पर माइक पर उद्घोषणा की गई कि बोली नहीं लगाई जाएगी और जिन लोगों ने चातुर्मास के दौरान गुमाश्ता नगर में कलश स्थापना की थी वह आगे आएं। गुमाश्ता नगर में प्रीतपाल टोंग्या के परिवार ने कलश स्थापना की थी और यहां से संतश्री अन्य मंदिरों के लिए विहार करने वाले थे। अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए आज संतश्री के पिता श्रीचंद जैन भी सागर से आए थे। उन्होंने समाजबंधुओं के साथ अंतिम संस्कार किया।