इंदौर की छप्पन दुकान। यह जगह देश-दुनिया में अपने चटखारों के लिए प्रसिद्ध है।
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इंदौर में कोविड-19 वैक्सीन के सेकंड डोज को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। कुछ रहवासी संघ ने निर्णय लिया है कि सेकंड डोज के बिना सुविधाएं नहीं देंगे। अस्पतालों में भी प्रवेश के लिए सेकंड डोज अनिवार्य हो गया है। दुग्ध संघ ने भी ऐसा ही निर्णय लिया है। अब इंदौर की पहचान 56 दुकान पर जाने के लिए भी सेकंड डोज जरूरी होगा।
इंदौर की पहचान 56 दुकान के व्यापारी एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि यहां आने के लिए वैक्सीन के दोनों डोज लगे होना जरूरी होगा। चाहे व्यापारी हो या कर्मचारी अथवा ग्राहक सभी को वैक्सीन के दोनों डोज लगे होने चाहिए। दोनों डोज नहीं होंगे तो पकवानों का लुत्फ नहीं उठा सकेंगे। 56 दुकान व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष गुंजन शर्मा के अनुसार यहां आने वाले ग्राहकों से सेकंड डोज के बारे में पूछा जाएगा। नहीं लगा है तो पास ही में वैक्सीनेशन सेंटर भेजेंगे ताकि दूसरा डोज लगवा सके। इसके बाद ही व्यंजन परोसे जाएंगे। यह हमारा रोको-टोको अभियान है। वैक्सीन नहीं तो 56 नहीं।
वैक्सीन सर्टिफिकेट दिखाने पर मिलेगा प्रवेश
इंदौर की शहनाई रेसीडेंसी वेलफेयर सोसायटी ने भी यह निर्णय लिया है कि जिसे सेकंड डोज लगा होगा उसे ही सोसायटी में प्रवेश दिया जाएगा। परिसर में नियमित रूप से आने वाले सभी कर्मचारी, चालक, गाड़ी धोने वाले, दुकानों में काम करने वाले, दूध वाले, जोमेटो, स्वीगी, कोरियर वाले आदि सभी को वैक्सीन के सेकंड डोज के सर्टिफिकेट की कॉपी सोसायटी कार्यालय में जमा करवानी होगी। 13 नवंबर तक ऐसा करना जरूरी है वरना इसके बाद सोसायटी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
30 तक नहीं लगाई वैक्सीन तो नहीं मिलेगा दूध
इंदौर दुग्ध विक्रेता संघ ने भी निर्णय लिया है कि सेकंड डोज लगाने के बाद ही सेवाएं दे सकेंगे। 30 नवंबर तक जो सेकंड डोज नहीं लगवाएंगे, उन्हें दूध नहीं दिया जाएगा। इंदौर दुग्घ विक्रेता संघ के अध्यक्ष भरत मथुरावाला के अनुसार दूध विक्रेता घर-घर जाकर सेकंड डोज लगाने की अपील करेंगे। स्टीकर लगाएंगे जिनमें लिखा होगा कि 30 नवंबर तक वैक्सीन नहीं लगवाई तो दूध वितरण नहीं कर सकेंगे।