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राहत : डॉक्टर दंपती को मिला बच्चा, हाईकोर्ट के फैसले से चेहरे पर लौटी मुस्कान

Tue, 24 Aug 2021 02:32 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर के एक नि:संतान दंपती को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने कहा कि नि:संतान डॉक्टर दंपती ने भले ही गलत तरीके से बच्चे को गोद लिया हो, लेकिन उनके मंसूबे गलत नहीं थे। उन्होंने बच्चे की परवरिश सगे से भी बढ़कर की। कोर्ट ने आदेश में कहा कि विधि सेवा प्राधिकरण बच्चे को गोद देने की प्रक्रिया कराए।
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इंदौर हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इंदौर के एक नि:संतान दंपती को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने अपने एक फैसले में कहा कि नि:संतान डॉक्टर दंपती ने भले ही गलत तरीके से बच्चे को गोद लिया हो, लेकिन उनके मंसूबे गलत नहीं थे। उन्होंने बच्चे की परवरिश सगे से भी बढ़कर की। दंपती के लगाव को देखते हुए बच्चा उनके पास ही रहने दिया जाए। कोर्ट ने आदेश में कहा कि विधि सेवा प्राधिकरण बच्चे को गोद देने की प्रक्रिया कराए।

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दरअसल, जन्म के बाद मां ने इस नवजात को स्वीकार करने से मना कर दिया। इसके बाद डॉक्टर दंपती ने विधिवत प्रक्रिया के बजाय अस्पताल के वार्ड बॉय और नर्स के जरिए उस बच्चे को गोद ले लिया। जब वार्ड बॉय और नर्स के खिलाफ पुलिस ने मानव तस्करी, अवैध गर्भपात, डिलीवरी कराने का केस दर्ज किया तो डॉक्टर दंपती डॉ. हरेसिंह और डॉ. रीत ठाकरे भी इसमें फंस गए।

तहकीकात के बाद पुलिस ने डॉक्टर पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। बच्चे को अनाथ आश्रम में छोड़ दिया। डॉक्टर ने अग्रिम जमानत लेकर पत्नी को छुड़वाया फिर आश्रम से बच्चा वापस लेने हाईकोर्ट पहुंचे, जिसमें उनके पक्ष में फैसला हुआ।
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दो साल से कर रहे लालन-पालन
अधिवक्ता मनीष यादव के मुताबिक इसी साल फरवरी-मार्च में वार्ड बॉय बबलू और नर्स शिल्पी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया था। दंपती डॉ. हरेसिंह और डॉ. रीत ठाकरे पर बच्चा खरीदने का केस दर्ज हुआ था। नर्स-वार्ड बॉय ने दो साल पहले 15 दिन का बच्चा उन्हें सीधे गोद दे दिया था। जब पुलिस ने बच्चे को आश्रम भेजा तो डॉक्टर ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर की। जस्टिस विवेक रुसिया की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। दंपती ने कोर्ट में दलील दी कि वह पिछले दो साल से बच्चे का लालन-पालन सही तरीके से कर रहे हैं। लेकिन अब बच्चा आश्रम में छोड़ दिया गया है। 

बच्चे के जन्मदिन के फोटो व अन्य दस्तावेज किए पेश
दंपती ने हाईकोर्ट में बच्चे के नाम पर बीमा पालिसी, एफडी, टीकाकरण के दस्तावेज तक पेश किए। कोर्ट को बताया कि वे सगे बच्चे की तरह देखभाल कर रहे हैं। दंपती ने 15 अगस्त को बच्चे का जन्मदिन भी धूमधाम से मनाया था। दंपती ने जन्मदिन समारोह के अलावा उसके कई फोटोग्राफ आदि भी कोर्ट के सामने पेश किए। 

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