रिश्वतखोरों के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई जारी है। सोमवार को हुई कार्रवाई के बाद मंगलवार को लोकायुक्त ने जनपद पंचायत इंदौर की उपयंत्री को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। उपयंत्री ने नक्शा पास करने के एवज में पांच हजार रुपए मांगे थे।
मामले में अशोक शर्मा ने शिकायत की। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसे ग्राम पंचायत रंगावासा स्थित राज लक्ष्मी पैलेस में स्थित भूखंड पर मकान निर्माण के लिए नक्शा पास करवाना था। इसके लिए उपयंत्री गीता विजयवर्गीय से बात की तो उसने पांच हजार रुपए रिश्वत मांगी। इसकी शिकायत एसपी लोकायुक्त इंदौर से की थी। बाद में गीता से बात की और 4500 रुपए देना तय हुआ। 9 नवंबर को गीता विजयवर्गीय के स्कीम नंबर ५४ स्थित निवास पर रुपए देने पहुंचा तो वहां लोकायुक्त टीम ने रंगेहाथ पकड़ा। लोकायुक्त ने आरोपी उपयंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया।
12 लाख की रिश्वत के साथ पकड़ा था इंजीनियर को
एक दिन पहले ही लोकायुक्त पुलिस ने नेशनल हेल्थ मिशन के कार्यपालन इंजीनियर को ठेकेदार से घूस के रूप में 50,000 रुपये नकद और 11.50 लाख रुपये का चेक लेते वक्त रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इंजीनियर शुरुआती किस्त के रूप में ठेकेदार से पांच लाख रुपये पहले ही ले चुका था। एनएचएम के कार्यपालन इंजीनियर राकेश कुमार सिंघल (55) को पालिका प्लाजा में ठेकेदार की शिकायत पर जाल बिछाकर पकड़ा गया। सिंघल ने ठेकेदार से बतौर घूस 50,000 रुपये की नकदी ली। ठेकेदार से 11.50 लाख रुपये का सेल्फ चेक गारंटी के तौर पर लिया कि बाकी रिश्वत के रूप में 11.50 लाख रुपये की नकदी मिलते ही यह चेक लौटा दिया जाएगा। ठेकेदार ने 1.74 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर और उज्जैन संभागों में नलकूप खनन का काम किया था। हालांकि, इसके एवज में उसे महज 1.05 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। इस भुगतान के कमीशन के तौर पर सिंघल ने ठेकेदार से 17 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।