इंदौर में ड्रोन कैमरे से चेकिंग करती पुलिस।
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कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद इंदौर पुलिस की कार्यशैली अब बदली-बदली नजर आ रही है। इसकी बानगी रविवार रात को दिखी जब पहली बार पुलिस ने ड्रोन कैमरे से नाइट चेकिंग की। नाइट चेकिंग में ड्रोन कैमरे से पुलिस ने पता लगाया कि नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। करीब दर्जनभर गाड़ियों पर चालानी कार्रवाई की। कुछ को समझाइश देकर छोड़ा गया।
दरअसल, कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र और ज्वाइंट कमिश्नर मनीष कपूरिया ने नाइट चेकिंग के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस अफसरों ने विजय नगर क्षेत्र में कार्रवाई की। ड्रोन कैमरे से वाहनों पर नजर रखी गई। इस दौरान तेज रफ्तार वाहनों के साथ ही शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर नजर रखी गई।
करीब 18 गाड़ियों पर कार्रवाई की गई। नौ वाहन तेज गति से जा रहे थे, तो नौ की नंबर प्लेट गलत थी। कुछ वाहन चालक नशे में वाहन चला रहे थे। कुछ वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात कर रहे थे। इन पर चालानी कार्रवाई की गई। विजय नगर के साथ ही पुलिस ने करीब 10 से 12 चौराहों पर चेकिंग की। एक कार को रोकने पर चालक तेज गति से भगा ले गया। पुलिस ने पीछा करके उसे मेघदूत गार्डन के पास से पकड़ा। कार में युवती थी जो नशे की हालत में थी। उसे समझाइश देकर उसके परिजन को बुलाया। मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों को भी पुलिस ने समझाइश दी। माफी के बाद उन्हें छोड़ा।
कैमरे में कैद हो गई गलती
अब तक चौराहों पर पुलिस जवान खुद खड़े होकर चेकिंग करते थे, लेकिन ड्रोन कैमरे से पहली बार चेकिंग की गई। इस दौरान पुलिस के आधा दर्जन से अधिक अधिकारी मौजूद रहे। उनके साथ पुलिस बल भी था। देर रात को हुई चेकिंग से वाहन चालक सकते में आ गए। उनके पास भागने का कोई विकल्प भी नहीं बचा। उनकी गलती कैमरे में कैद हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।