इस तरह झोले टांगकर खड़े हुए अतिथि।
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इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर बन गया है, लेकिन प्लास्टिक फ्री सिटी अभी तक नहीं बन सका है। बहुतायत में प्लास्टिक का उपयोग हो रहा है। प्रदूषण का एक कारण प्लास्टिक भी है जिस पर अंकुश लगाने के लिए इंदौर नगर निगम ने नवाचार किया है। जनप्रतिनिधियों ने भी इसमें साथ आकर शहर में प्लास्टिक के कम से कम प्रयोग को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया है। इसके चलते इंदौर में मैं हूं झोलाधारी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारी और जनप्रतिनिधि झोला टांगकर खड़े नजर आए।
निगमायुक्त प्रतिभा पाल सहित आयोजन में सांसद शंकर लालावानी, विधायक रमेश मेंदोला, भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, समाजसेवी जनक पलटा सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। अतिथियों ने कंधे पर झोला टांगकर और मैं हूं झोलाधारी इंदौरी का बेच लगाकर कार्यक्रम शुरू किया। लोगों से आह्वान किया कि वे प्लास्टिक की जगह झोले का उपयोक करें।
झोले भी बांटे जाएंगे
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि हम सब संकल्प लेते हैं कि आज से हम झोले का उपयोग करेंगे, पॉलीथिन को ना कहेंगें और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे। इस अभियान के तहत पूरे शहर में झोले का वितरण भी किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने कहा कि मेघदूत चौपाटी के व्यवसायियों ने अपनी चौपाटी को कोयला भट्टी एवं डिस्पोजल फ्री किया है। यदि यहां के लोग पॉलीथिन का उपयोग बंद कर झोले का उपयोग या कागज के थैले का उपयोग करेंगे तो पॉलीथिन अपने आप बाहर हो जाएगा।
झोला अपनाने के लिए बनाए गीत को किया लांच
इस कार्यक्रम में झोला अपनाने के लिए तैयार किए गए एक गाने की लांचिंग भी की गई। अतिथियों ने कटआउट पर बने झोले का अनावरण किया। कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वेक्षण में 311 एप पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीम में शामिल निगम के कर्मचारी अरण्य जैन, निगम के सेंट्रल स्टोर विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीम की सदस्य उषा ओझा, महेश एवं उनकी टीम को सम्मानित किया गया। मेघदूत चौपाटी पर डिस्पोजल फ्री एवं कोयला भट्टी के स्थान पर गैस का उपयोग करने के पर मेघदूत चौपाटी एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। आयोजन के दौरान अनुपयोगी कपड़ों से कैसे झोला बनाया जा सकता है उसका डेमो भी दिया गया।