निवेशकों से चर्चा करते हुए सीएम शिवराज
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ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुए मप्र स्टार्टअप कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां आए निवेशकों और बिजनेसमैन से वन टू वन चर्चा की। निवेशकों ने सीएम को आश्वासन दिया तो सीएम शिवराज ने कहा कि प्रदेश में 26 जनवरी 2022 से आज तक स्टार्टअप में 700 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इस निवेश को हम हजारों करोड़ में बदलना चाहते हैं। इसके लिए आप सब अपने विचार हमे दें। जिससे हम स्टार्टअप पॉलिसी को और बेहतर करने के लिए प्रयास करें। आपके अनुभव और युवाओं के आइडिया से नए भारत की परिकल्पना साकार होगी। आप सभी हमारे बुलावे पर मध्यप्रदेश आए हैं। हमें आशा है कि आप हमारे बच्चों को एक बेहतर अवसर देंगे। जिससे वे अपने प्रतिभाओं को एक पहचान दे सकें।
चर्चा के दौरान एचसीएल के एफआईसीसीआई चेयरमैन अजय चौसरे ने कहा कि प्रदेश में एक बेहतर माहौल बन गया है। स्टार्टअप को वित्तीय सुविधाएं देने के लिए हम भी तैयार है। प्रदेश के युवाओं को स्टार्टअप पॉलिसी से नया आत्मविश्वास मिलेगा। सरकार के सहयोग से कोई भी व्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ती है। एफआईसीसीआई की प्रेसीडेंट जयंती डालमिया ने कहा कि फिक्की भी प्रदेश की इस पॉलिसी को अपने बिजनेसमैन और उद्योगपतियों को बताएगा और स्टार्टअप के लिए नए इन्वेस्टमेंट पार्टनर तैयार करेगा। जेट्रो कंपनी के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जापानी कंपनियों के साथ काम करने में इच्छुक हैं। जापान की कंपनियों नई टेक्नोलॉजी के साथ हमारे स्टार्टअप तरक्की नई परीभाषा लिखेंगे। मध्यप्रदेश सबसे तेजी से बढ़ता प्रदेश है। जापान की मदद से हम नया इन्वेस्मेंट लाने के इच्छुक हैं।
फ्लिपकार्ट के माध्यम से प्रदान करेंगे प्लेटफॉर्म
फ्लिपकार्ट के चीफ आर्किटेक्ट उत्कर्ष बी ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान के यह प्रयास प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान प्रदान करेंगे। फ्लिपकार्ट के माध्यम से युवाओं के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म प्रदान करेंगे। केडिया सीक्यूरिटी प्रायवेट लिमिटेड इन्वेस्टर विजय केडिया ने कहा कि वह 35 साल से बड़े इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं और बड़े फंड को मैनेज भी करते हैं। कई बड़ी कंपनियों में इनके निवेश किए गए हैं। मध्यप्रदेश के स्टार्टअप के साथ भी हम इन्वेस्टमेंट करेंगे। योअर स्टोरी मीडिया की फाउंडर एवं सीईओ श्रद्धा शर्मा ने भी मुख्यमंत्री से कहा कि मध्यप्रदेश काम करने की असीम संभावनाएं हैं। स्टार्टअप पॉलिसी से मध्यप्रदेश में बड़ा बदलाव आने की लकीर खींची गई है। इससे युवाओं को अपने सपने पूरे करने के लिये जमीन तैयार होगी।