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indore: ट्रेनों में चोरी करने वाला गिरोह गिरफ्तार, अकेली महिलाओं को बनाते थे निशाना, वारदात के बाद कार से हो जाते थे फरार

Sat, 14 May 2022 05:56 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर जीआरपी ने ट्रेनों में चोरी करने वाले गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रेन में अकेले सफर कर रही महिलाओं को निशाना बनाते थे। वारदात के बाद ट्रेन से उतरते और कार से फरार हो जाते थे। पुलिस पूछताछ कर रही है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ट्रेनों में चोरी करने वाले गिरोह को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करते और अकेली महिलाओं व युवतियों को निशाना बनाते थे। इंदौर सहित देवास, रतलाम, उज्जैन स्टेशनों के बीच चोरी करके भाग जाते थे।
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जीआरपी के अनुसार आरोपियों के नाम  राजू शेल्के, किशोर परमार, किरण, धीरज वाणी और जयराज परमार है। ये पूरा गिरोह महाराष्ट्र के पुणे और महाराष्ट्र के अन्य इलाकों का रहने वाला है। इस गिरोह को पकड़ने के लिए एसपी (जीआरपी) नवेदिता गुप्ता ने स्पेशल प्लान बनाया था। अलग-अलग टीमें बनाकर ट्रेनों में बैठाना शुरू किया। ये टीम सादे कपड़ों में रहती थी। चूंकि वारदातों के फुटेज पुलिस के पास थे इस कारण आरोपियों के हुलिये को लेकर दिक्कत नहीं थी। जैसे ही ट्रेन में आरोपी दिखे तो उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों ने वारदात कुबूल की है। आरोपियों ने बताया कि इन चोरों का टारगेट अकेली जा रही महिलाएं होती थीं। यह गिरोह लंबी दूरी की ट्रेनों में चढ़ती और उनके दूसरे साथी ट्रेन के रूट पर ही कार लेकर चलते थे। जैसे ही ट्रेन आउटर पर या किसी भी स्टेशन पर रुकती गिरोह के सदस्य कार में बैठकर भाग जाते थे। ये गिरोह लंबी दूरी की ट्रेन में चढ़कर इंदौर, देवास, रतलाम और उज्जैन स्टेशनों के बीच महिलाओं को निशाना बनाता था। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे चोरी के रुपयों से ही अपना जीवन चलाते हैं। सांसी गैंग की तर्ज पर काम करते थे। कम उम्र से ही लड़कों को तैयार करना शुरू कर देती है। पहले मुंबई की ट्रेनों में भी इन्होंने वारदातें की थी। लेकिन सख्ती बढ़ने के चलते उन्होंने टारगेट बदल दिए थे। इनका टारगेट केवल अकेली या बच्चों के साथ सफर कर रहीं महिलाएं व युवतियां रहती थीं। आरोपी इन महिलाओं को भीड़ में आसानी से टारगेट कर लेती थीं। जिस महिला को टारगेट बनाना होता था वहां गिरोह के दूसरे सदस्य भीड़ बनाकर धक्का-मुक्की करने लगते थे। इस बीच वारदात को अंजाम देकर भाग जाते थे। पुलिस ने बताया कि रेलवे स्टेशन से लेकर कई टोल पर इनके फुटेज मिले थे। इन फुटेज के आधार पर ही गिरोह पर दो सालों से नजर रखे हुए थे।  वारदात करने के बाद मोबाइल पर बात करते और साथी को बताते कि काम हो  गया है। दूसरे साथी अगले स्टेशन पर कार लेकर पहुंच जाते और आरोपी ट्रेन से उतरकर कार में बैठते। बाद में कार से ही महाराष्ट्र की ओर चले जाते। पुलिस रिमांड पर लेकर आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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