तुलसी के दीये से खेल रही एक मासूम की जिंदगी की लौ बुझ गई। दीये की चपेट में आकर वह बुरी तरह झुलस गई। उसे अस्पताल ले गए लेकिन बचाया नहीं जा सका। अब परिवार सदमे में है।
घटना महेश यादव नगर की है। चार साल की श्रुति घर की छत पर खेल रही थी। छत पर तुलसी का पौधा रखा है जहां दीया जल रहा था। खेलते-खेलते श्रुति दीये के पास पहुंच गई। इसी दौरान दीये की लौ से उसके कपड़े में आग लग गई। आग बढ़ने पर श्रुति चिल्लाई लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। जब तक लोग बचाने आए तब तक वह करीब 90 फीसदी से अधिक झुलस चुकी थी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। श्रुति के पिता का नाम जितेंद्र है। माता-पिता दोनों काम के लिए फैक्टरी जाते हैं। घर में दादाजी थे जो घटना के समय सो रहे थे। बच्ची के शोर से उनकी नींद खुली। पड़ोसी भी पहुंचे मगर तब तक देर हो चुकी थी।