सेंधवा में जनपद पंचायत सदस्यों ने नारेबाजी की और तालाबंदी की।
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मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा जनपद पंचायत में महिला सदस्यों के पतियों पर शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज हुआ है। इसके खिलाफ जनपद पंचायत की महिला सदस्यों ने ज्ञापन सौंपकर एफआईआर रद्द करने की मांग की है। जनपद पंचायत की महिला सदस्यों के पतियों ने गुरुवार को जनपद पंचायत में हंगामा कर तालाबंदी कर दी थी। इस पर पंचायत के प्रभारी अधिकारी ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया है।
सेंधवा जनपद पंचायत का मामला तूल पकड़ रहा है। गुरुवार को हुई तालाबन्दी और हंगामे के बाद जनपद पंचायत की महिला सदस्यों के पतियों पर दर्ज हुई एफआईआर को अब रद्द कराने की मांग उठने लगी है। महिला सदस्यों ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा िक अगर एफआईआर रद्द नहीं हुई तो वे जनपद उपाध्यक्ष सहित सभी सदस्य मिलकर इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने इस संबंध में एक ज्ञापन भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नाम से लेखापाल को सौंपा है।
जनपद अध्यक्ष लता पटेल, उपाध्यक्ष सीताराम बरडे और अन्य सदस्यों द्वारा सौंपे गए इस ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि महिला सदस्यों के पतियों पर की गई झूठी एफआईआर को वापस लिया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी सदस्य सामूहिक इस्तीफा देंगी। जनपद पंचायत में हंगामे और तालाबंदी के मामले में प्रभारी सीईओ के निर्देश पर जनपद पंचायत के प्रभारी खंड पंचायत अधिकारी नंदलाल पंवार ने दो महिला सदस्यों के पतियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में शहर थाना पुलिस ने जितेंद्र डावर और राकेश सोलंकी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
यह है पूरा मामला
गुरुवार को एसडीएम और प्रभारी सीईओ अभिषेक सराफ ने जनपद पंचायत की साधारण सभा की बैठक सुबह 11 बजे रखी थी। बैठक में कोरम अनुसार जनपद सदस्य उपस्थित नहीं होने से एसडीएम ने बैठक को निरस्त कर बैठक को अगली तारीख में करना बताया। एसडीएम के जाने के बाद जनपद सदस्यों ने हंगामा करते हुए कार्यालय के सभी विभागों में ताले लगा दिए। इसके बाद करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। नाराज जनपद सदस्यों से एसडीएम अभिषेक सराफ, तहसीलदार मनीष पांडे और नायब तहसीलदार राहुल सोलंकी ने चर्चा भी की थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर कार्यालय के ताले खोले गए थे।
विकास कार्य स्वीकृत न करने का आरोप
मामले में एसडीएम और प्रभारी सीईओ के निर्देश पर जनपद पंचायत के प्रभारी खंड पंचायत अधिकारी नंदलाल पंवार की शिकायत पर दो महिला जनपद सदस्यों के पति राकेश सोलंकी और जितेंद्र डावर के खिलाफ शहर थाने में शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। जनपद सदस्यों का कहना है कि आठ माह में उनके क्षेत्र के लिए कोई विकास कार्य स्वीकृत नहीं हुए है। किसी प्रकार की कोई राशि भी आवंटित नहीं की गई है। इसके साथ ही बैठक नहीं होने से सभी ने नाराजगी जताई थी।