महिला का बीपी चेक करते मौजूद लोग।
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आज कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान महिला ने दुपट्टे से फंदा लगाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि महिला दबंगों से परेशान है और लगातार पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रही है। इसी को लेकर आज जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट के सभागार में पहुंची थी। वहां उसने अपने दुपट्टे से खुद का गला घोंटने का प्रयास किया। गनीमत रही कि मौके पर प्रशासन के अधिकारियों ने उसे बचा लिया और महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
आज मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई थी। इसी दौरान महिला अपनी शिकायत को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची थी। सभागार में पहुंचते ही उसने अपने दुपट्टे से गले में फंदा बना लिया और खुद का गला घोंटने लगी। उसने इतनी जोर से गला घोटा कि जमीन पर गिर गई। ये देखकर अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। तत्काल उसके गले से दुपट्टे को खींचने की कोशिश की, लेकिन महिला चिल्लाती रही। बड़ी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने महिला के गले से दुपट्टे को खींचा और उसके बाद उसे अस्पताल भिजवाया, जहां उसका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि यह पीड़ित महिला दबंगों से परेशान है और इसकी शिकायत को लेकर वह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रही है। उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया है। यह पीड़ित महिला अपनी भूमि दबंगों से मुक्त कराने के लिए बार-बार अधिकारियों से फरियाद कर चुकी है। इसका अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है। साथ ही महिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस मामले में पटवारी हो तहसीलदार रिश्वत ले रहे हैं। यही कारण है कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
जब इस महिला ने जनसुनवाई के दौरान आत्मदाह करने का प्रयास किया था, उस समय कलेक्ट्रेट में छोटे अधिकारी मौजूद थे। ग्वालियर के कलेक्टर अक्षय कुमार जनसुनवाई में मौजूद नहीं थे, क्योंकि आज केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की बेटी की शादी है और इसी में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन लगा हुआ है। पुलिस और प्रशासन का कोई भी बड़ा अधिकारी आज दफ्तर में मौजूद नहीं है, क्योंकि इस शादी में 100 से अधिक बड़े भी वीआईपी राजनीतिक हंसी आ रही है। इसी के प्रोटोकॉल में इन सभी अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है।