मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शनिवार देर रात शीतला माता मंदिर के पास भीषण सड़क हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हादसा रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर ढलान के पास हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए सड़क किनारे लाइन में लगे थे। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक मोबाइल पर गूगल मैप की मदद से रास्ता देख रहा था। ट्रक चालक और मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक चीनौर की ओर से धान से भरा एक तेज रफ्तार ट्रक ढलान पर अचानक बेकाबू हो गया। ट्रक ने रास्ते में बने पुलिस चेकपोस्ट को तोड़ दिया और श्रद्धालुओं को कुचलते हुए शीतला माता मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मंदिर की दीवार ढह गई और कई लोग मलबे में दब गए।
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गूगल मैप को फॉलो कर रहा था चालक
ट्रक चालक मोबाइल पर गूगल मैप की मदद से रास्ता देख रहा था। शीतला माता मंदिर पर नौ दिनों तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहने के बावजूद चीनौर की ओर से दो धान से लदे ट्रक मंदिर के पीछे की तरफ पहुंच गए थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रक पंजाब की ओर जा रहे थे। ढलान पर पहुंचने के बाद चालक को नीचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। इसी दौरान चालक ने ट्रक के ब्रेक फेल होने की बात बताई। इसके बाद ट्रक अनियंत्रित होकर ढलान से नीचे आ गया।
धौलपुर से पकड़े गए दोनों आरोपी
हादसे के तुरंत बाद आरोपी चालक और मालिक वाहन छोड़कर भाग निकले थे। ग्वालियर पुलिस ने घेराबंदी की और राजस्थान के धौलपुर से दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में चालक की पहचान दिल्ली की पंजाबी कॉलोनी निवासी दिलबाग सिंह के रूप में हुई है। पकड़ा गया ट्रक मालिक पंजाब के लुधियाना का रहने वाला हरप्रीत सिंह है। पुलिस दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ कर रही है।
गुस्से में परिजन
हादसे के बाद घायलों को तत्काल जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सरकार ने सभी घायलों का निशुल्क इलाज कराने की घोषणा की है। पुलिस ने ट्रक चालक और मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्वालियर पोस्टमॉर्टम रूम के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि जहां साइकिल तक नहीं जा सकती, वहां भारी ट्रक कैसे पहुंच गया? आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
आठ पुलिसवालों पर गिरी गाज
मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लापरवाही के आरोप में झांसी रोड के CSP रवि भदौरिया को हटाने के साथ आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इनमें झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा, झांसी रोड ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, निरीक्षक यातायात राघवेंद्र जादौन, प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी तथा आरक्षक किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया और पवन सेंगर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने हादसे को हृदयविदारक बताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और घटना की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
हादसे के कारणों की गहन जांच
शुरुआती दौर में हादसे की वजह ब्रेक फेल होना बताई जा रही थी। हालांकि, पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि यह हादसा महज ब्रेक फेल होने के कारण हुआ है या फिर चालक की लापरवाही से। पुलिस अधिकारी घटना स्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटे हैं।