उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अल्प प्रवास के दौरान ग्वालियर पहुंचे। जहां उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल पर पहुंचकर उनकी मां की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने भाजपा के 400 पार के नारे को लेकर कहा कि देश में हो रहे चुनाव के दौरान मुझे अनेक स्थानों पर जाने का अवसर मिला और मैं कई स्थानों पर गया, जहां मैंने देखा कि देश की जनता आदरणीय मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए स्वयं आगे आ रही है। मोदी के समर्थन में दिल्ली में आज चुनाव प्रचार का अंतिम दिन था। हरियाणा में सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी जीतने वाली है।
वहीं, इंडिया गठबंधन को लेकर राहुल गांधी अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव को लेकर उन्होंने कहा कि देखिए यह जो गठबंधन बना है, अखिलेश बाबा और राहुल बाबा का और केजरीवाल भी उसमें जुड़े हुए हैं। अखिलेश बाबा और राहुल बाबा दोनों के दोनों विदेश में पढ़कर आए हैं। उनका गठबंधन और उनकी जोड़ी पहले भी देश के लोगों ने देखी है। उत्तर प्रदेश के अंदर जो उनकी अमेठी सीट है, परंपरागत परिवार की सीट है। उस सीट से भी राहुल गांधी पर्चा भरने की हिम्मत नहीं कर पाए हैं। इसका सीधा प्रत्यक्ष प्रमाण है, आप सब समझदार हैं कि जो अपनी परंपरागत सीट छोड़ दे। उसने अपनी हार स्वीकार कर ली है। इसलिए वह तमाम भ्रामक प्रचार कर रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल के दफ्तर में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता से हुई मारपीट के मामले को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यालय में जन्मतिथि योजनाएं बननी चाहिए। वहां एक पार्टी की कार्यकर्ता के साथ मारपीट किसी भी मायने में इसको सही नहीं कहा जा सकता और उसके बाद कोई भी आम आदमी का नेता या अरविंद केजरीवाल स्वयं सामने नहीं आए। उल्टा उस आदमी को बचाने में लगे हुए हैं। इतना ही नहीं उसे गठबंधन में भी किसी नेता ने आगे आकर इस मामले को लेकर कोई बात नहीं की और हद तो तब हो गई, जब इस गठबंधन की जो मेंबर हैं प्रियंका दीदी, वह भी कोई बयान नहीं देती हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि महिलाओं के प्रति मातृशक्ति के प्रति उनके क्या विचार हैं।
वहीं, चारधाम पर बढ़ रही भीड़ को लेकर उन्होंने कहा कि जो संख्या अनुमानित थी, उससे दोगनी संख्या में भीड़ वहां पहुंची थी और रास्ते सीमित हैं। एक क्षमता है, उससे अधिक लोग पहुंच गए थे, जिसके चलते थोड़ी सी परेशानी लोगों को हुई थी। यात्रा पूरी व्यवस्थित है। इतना जरूर है कि शुरुआत के दिनों में जिन लोगों के रजिस्ट्रेशन नहीं थे, वह भी पहले ही प्रवेश कर गए थे। अब हमने यह व्यवस्था बनाई है कि सबसे आग्रह भी किया है कि चार धाम जो आना चाहते हैं, वह अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं।