ग्वालियर में नगर निगम इंसानों से टैक्स वसूली के बाद अब पशु और जानवरों से भी टैक्स वसूली की तैयारी कर रही है। यह बात आपको बड़ी अजीब लग रही होगी, लेकिन नगर निगम में गाय, भैंस, बैल और कुत्ता पालने से पहले आपको टैक्स भरना होगा। नगर निगम ने इसको लेकर पूरा प्लान तैयार कर लिया है। बताया जा रहा है कि मई के महीने से पशुपालकों को अपने जानवरों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य हो जाएगा और उन्हें इसके लिए मोटी फीस भी चुकानी पड़ेगी।
नगर निगम यह कार्रवाई आवारा पशुओं और कुत्तों से हो रही परेशानी को कम करने के लिए इस नियम को लागू कर रहा है। यही कारण है कि इसके प्रचार-प्रसार के लिए निगम ने डोर- टू-डोर कचरा गाड़ियों पर लाउड स्पीकर लगाकर प्रचार करने जा रहा है। निगम इन पशुओं के रजिस्ट्रेशन के लिए शहर के अलग-अलग स्थानों पर छोटे दफ्तर खोलेगा और इसके माध्यम से ऑनलाइन इन सभी पशुओं का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
'पशुओं की संख्या बढ़ रही'
नगर निगम कमिश्नर किशोर कन्याल ने बताया, शहर में लगातार पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इस समय शहर में लगभग दो लाख से अधिक पालतू भैंस और गाय हैं और करीब 25 हजार से अधिक आवारा कुत्ते हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस कारण स्वच्छता पर सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। इसे कंट्रोल करने के लिए नगर निगम ने रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सड़क पर घूमने वाला आवारा पशु किसका है। इसको लेकर पशुओं का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा, जिसके बदले पशु मालिक को मोटी फीस भी देनी पड़ेगी।
साथ ही उन्होंने बताया है कि यदि किसी पशुपालक का रजिस्ट्रेशन किया हुआ पशु सड़क पर आ जाता है तो उस पशु मालिक को एक बार निगम की तरफ से हिदायत दी जाएगी। अगर यह हर बार नियम को तोड़ता है और उसका पशु सड़क पर घूमता हुआ मिलता है तो उसे नोटिस दिया जाएगा। इसके साथ ही उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर किशोर कल्याल ने बताया है कि नगर निगम ने पशुओं की रजिस्ट्री की फीस अलग-अलग रखी है।
पशु का इतनी लगेगी रजिस्ट्रेशन फीस...
- गाय और भैंस- (पंजीयन शुल्क 200 रुपये) (नवीनीकरण शुल्क 100 रुपये)
- कुत्ता और बिल्ली- (पंजीयन शुल्क 150 रुपये) (नवीनीकरण शुल्क 50 रुपये)
- अन्य पशु- (पंजीयन शुल्क 50 रुपये) (नवीनीकरण शुल्क 25 रुपये)