मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच कपड़ा फाड़ को लेकर हुए टिप्पणियों पर सियासत जारी है। अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ये एक दूसरे के कपड़े फाड़ रहे तो सोचो जनता का क्या हाल करेंगे।
सिंधिया ने कहा कि अगर दो लोगों के बीच इस स्थिति पर चर्चा हो रही है तो सोचिए अगर इनके हाथ में शासन आ जाए तो जनता का क्या हाल होगा। कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी किए गए वचन पत्र पर उन्होंने कहा कि वचन पत्र इतनी बड़ी गहरी खाई है कि कांग्रेस की वचन की लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है, लेकिन कभी पूरी नहीं होती। मेनिफेस्टो बनाना और लुभावने मुद्दों को उसमें डालना आसान है, लेकिन वचन निभाना कठिन है और आप जानते ही हैं कि 15 महीने के शासनकाल में उन्होंने मध्य प्रदेश की स्थिति चौपट कर दी थी।
टिकट वितरण सूची के बाद कांग्रेस नेताओं के बीच मचे घमासान पर सिंधिया ने कहा कि यह उनका काम है कि हर चीज को पकड़-पकड़ कर फाड़ें, लेकिन मेरी सोच हमेशा सकारात्मक रही है। इसलिए वह अपना काम देखें और हम अपना काम देख रहे हैं, क्योंकि नकारात्मकता कांग्रेस मैं ही देखने को मिलती है। इसलिए मेरा सोचना है कि जो समय हमें पृथ्वी पर मिला है, उसका सदुपयोग लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में किया जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बताए रास्ते पर देश को विकास और प्रगति के रास्ते पर आगे ले जा सकें।
ग्वालियर दक्षिण से कुछ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा सिंधिया से चुनाव लड़ने की अपील करने पर उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सोच यही है कि जो संगठन तय करता है हर कार्यकर्ता को उसके मार्गदर्शन में काम करना होता है। पिछले तीन-चार महीने में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद विवेक सेजवलकर के साथ ही एक-एक कार्यकर्ता पूर्ण लगन से लगा हुआ है और इस लग्न से हमें आगे भी काम करना है।