ग्वालियर में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे और बोनस का लालच देकर 5 लाख 37 हजार रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने नवी मुंबई से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सुमित रमाकांत जायसवाल के रूप में हुई है। खास बात यह है कि आरोपी नवी मुंबई महानगरपालिका में वाटर ऑपरेटर के पद पर काम करता है, लेकिन उसके बैंक खाते में महज 12 दिनों के भीतर करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये का लेन-देन सामने आया है।
मामला ग्वालियर के रहने वाले हर बिलास जाटव से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, अमित गोयल नाम के व्यक्ति ने उन्हें डीमैट खाता खुलवाने और ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए कमाई करने का झांसा दिया। शुरुआत में उनसे 10 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बाद ज्यादा रकम निवेश करने पर बोनस और ज्यादा मुनाफा मिलने का लालच दिया गया। पीड़ित को जब लगा कि ट्रेडिंग में मुनाफा हो रहा है और उसने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो उससे अलग-अलग बहानों से और पैसे मांगे गए। पहले 50 हजार रुपये, फिर 85 हजार रुपये और इसके बाद 82 हजार रुपये जमा करने को कहा गया। हर बार रकम वापस करने का भरोसा दिया गया, लेकिन पैसे वापस नहीं मिले।
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इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। जांच में सामने आया कि उसने कुल 5 लाख 37 हजार रुपये तीन अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए थे। साइबर क्राइम टीम ने बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की पड़ताल शुरू की तो पैसों का कनेक्शन नवी मुंबई तक पहुंचा। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुमित रमाकांत जायसवाल को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक फर्जी फर्म के नाम पर बैंक खाता खुलवाया था। इसी खाते में साइबर ठगी से हासिल रकम अलग-अलग राज्यों से भेजी जाती थी। जांच में इस खाते में 12 दिनों के भीतर 1 करोड़ 25 लाख रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 3 लाख 77 हजार रुपये भी इसी खाते में पहुंचे थे।
पुलिस का कहना है कि आरोपी साइबर ठगी से आने वाली रकम में से कमीशन काटकर उसे आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर करता था। अब पुलिस बैंक खातों की पूरी लेन-देन हिस्ट्री खंगाल रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।