मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर के आंबेडकर महाकुंभ में इमोशनल दांव खेला है। उन्होंने अनुसूचित जाति समाज की प्रमुख उप-जातियों के अलग-अलग कल्याण बोर्ड बनाए जाएंगे। ग्वालियर को आंबेडकर धाम बनाया जाएगा।
मध्यप्रदेश में पहली बार भाजपा ने आंबेडकर महाकुंभ का आयोजन किया गया। ग्वालियर के मेला परिसर में आयोजित इस महाकुंभ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समाज की प्रमुख उप-जातियों के अलग-अलग कल्याण बोर्ड बनाएंगे, जैसे- कोरी कल्याण बोर्ड, जाटव कल्याण बोर्ड। इनके अध्यक्ष और सदस्य भी बनाएंगे। अध्यक्ष को मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। इनकी जिम्मेदारी समाज के बीच दौरा करना और समस्याओं को जानने का होगा।
आंबेडकर महाकुंभ के दौरान दलित वोट साधने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार एक तरफ बाबा साहेब आंबेडकर की जनस्थली महू आने वाले लोगों की सुविधा के लिए भव्य और सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला स्थापित करने जा रही है। सागर में संत रविदास का एक मंदिर स्थापित करने जा रही है। इसका निर्माण तो सरकार 100 करोड़ रुपये खर्च करके करेगी ही। मैं चाहता हूं कि इसमें हर व्यक्ति की हिस्सेदारी हो। हर गांव में शिलापूजन हो और वहां से वह शिला ले जाकर सागर में बनने वाले संत जी के मंदिर में लगाई जाए। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान ही भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य से कहा कि इस काम को आप संभालें ताकि इसमें सबकी हिस्सेदारी हो सके। ग्वालियर-चंबल संभाग के आठ जिलों में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों और इस वर्ग के वोटर्स को साधने के लिए यह कार्यक्रम अहम है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि जिन बाबा साहेब आंबेडकर ने संविधान बनाया, उन्हें चुनाव में हरवाने का काम कांग्रेस ने किया। बाबा साहेब के बनाए संविधान पर मोदी जी और हम सरकार चला रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतारिदित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और दूसरे सीनियर लीडर भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
छात्रावास भवनों का लोकार्पण और भूमिपूजन
पत्नी के पूर्वज ने बाबा साहेब को पढ़ाई के लिए विदेश भेजाः सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहेब को कभी सम्मान नहीं दिया। 75 साल बाबा साहब को सम्मान के लिए इंतजार करना पड़ा। अटल जी ने उन्हें भारत रत्न दिया। एक और रिश्ता बाबा साहेब के साथ सिंधिया परिवार का बन चुका है। मेरी पत्नी का परिवार, उनके पूर्वज सयाजीराव गायकवाड़ महाराज ने बाबा साहेब को विदेश पढ़ाई के लिए भेजा था। आंबेडकर पूरे भारतवर्ष के संत-महात्मा हैं।