भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत किसान मजदूर महापंचायत को संबोधित करने ग्वालियर पहुंचे। टिकैत ने कहा कि मध्यप्रदेश में 182 उपमंडी सरकार ने बेच दी है। सरकार को कृषि कानून वापस होने का भी भरोसा ही नहीं था। उन्होंने कहा कि नया सीड बिल लेकर केंद्र सरकार आ रही है। हाउस में रखा हुआ है, कभी भी लागू कर सकते हैं। सरकार विदेश से जीएल सरसों बीज लेकर आ रहे हैं, उन्हें अपने देश के बीज पर भरोसा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि 13 महीने के आंदोलन में किसानों में कोई भेदभाव नहीं था।
उन्होंने बीजेपी पर हमलावर होते हुए कहा, देश में फिर एक बड़े आंदोलन की जरूरत है। केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की शय पर निजी कंपनियों द्वारा बड़े-बड़े गोदाम बना लिए हैं। चौधरी चरण सिंह कहा करते थे कि भिखारी और व्यापारी से बचकर रहना चाहिए। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, किसानों को जिंदा रहना है, तो आंदोलन से जुड़ना ही पड़ेगा। बीजेपी रंगों की भी चोरी करती है, भगवा रंग देश को आजाद कराने वाले दीवानों और संतों का रंग है।
उन्होंने कहा कि यह देश आंदोलन की भाषा समझता है। इस देश को खेत में हल चलाने वाले किसान और मजदूर ही चलाएंगे, यह देश का किसान हल चलाना भूल गया तो देश बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा, देश में इस समय कलम और कैमरा पर बंदूक का पहरा है।
फसल और नस्ल बचाने के लिए कुर्बानी की जरूरत...
महापंचायत में आए हुए किसानों और मजदूरों से टिकैत ने कहा, इस समय फसल, नस्ल बचाने के लिए फिर से कुर्बानी की जरूरत है। सरकार ने जिस तरह अग्निवीर योजना लागू की है, यह योजना जब अग्निवीर चार साल बाद रिटायर होंगे तो यही नौजवान क्रांतिवीर हो जाएंगे। देश का नौजवान इनसे जवाब मांग रहा है, किसी का नाम न लेते हुए टिकैत ने कहा कि जो अपनी पार्टी के नेताओं को सम्मान नहीं दे सकती, वह देश के किसानों को क्या सम्मान देगी।
ये भी शामिल हुए महापंचायत में...
महापंचायत में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन, मध्यप्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह परिहार, प्रदेश अध्यक्ष मप्र. अनिल यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश बुद्धा सिंह प्रधान, मंडल अध्यक्ष आगरा रणवीर सिंह चाहर, जिला अध्यक्ष आगरा राजवीर लवानिया ने भी महापंचायत को संबोधित किया, तमाम किसान नेताओं सहित किसान उपस्थित रहे।