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MP News: पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव को भ्रष्टाचार के मामले में तीन साल की सजा, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया

Sat, 31 Dec 2022 08:49 AM IST
रोमा रागिनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

ग्वालियर की एक विशेष अदालत ने कांग्रेस नेता भगवान सिंह यादव को तीन साल की सजा सुनाई है। उनके अलावा चार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारी और एक महिला सहकारी समिति की अध्यक्ष को भी कोर्ट ने सजा सुनाई।
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कोर्ट का फैसला - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व सहकारिता मंत्री भगवान सिंह यादव को विशेष कोर्ट ने जिला सहकारी बैंक में स्टेशनरी खरीदी में भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में तीन साल की सजा सुनाई है। इस मामले में दो लोगों को तीन-तीन जबकि चार लोगों को चार-चार साल की सजा के साथ कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया है।

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यह मामला जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से जुड़ा था। 2004 में भगवान सिंह यादव इस बैंक के अध्यक्ष थे। उस दौरान साढ़े चार लाख रुपये की स्टेशनरी खरीदी गई थी। इसके साथ ही ग्रीटिंग कार्ड छपवाए गए थे। इस मामले में भ्रष्टाचार और अनियमितता की शिकायत बैंक के ही एक पूर्व कर्मचारी सतीश शर्मा ने की थी कि इस खरीद में कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग हुआ है। जिस सहकारी समिति से खरीदी दिखाई गई है, उसका कार्यक्षेत्र ही नहीं है और न ही उसके विधान में स्टेशनरी का कारोबार करने का उल्लेख है। आरोपियों में भगवान सिंह यादव के अलावा चार आरोपी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारी और एक महिला सहकारी समिति की अध्यक्ष हैं। 


आठ लोगों के खिलाफ हुआ था केस दर्ज
मामले की कई सालों तक जांच चली। जांच-पड़ताल के बाद आर्थिक अपराध ब्यूरो (एईओडब्ल्यू) ने इनमें बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष भगवान सिंह यादव और मैनेजर मुकेश माथुर सहित आठ लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इसमें दो लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जबकि यादव सहित छह आरोपियों को जमानत मिल गयी थी।

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लंबी सुनवाई के बाद इस मामले में एमएलए ,एमपी विशेष न्यायालय ने इस मामले में आरोपियों पर चार्ज लगाए। इस दौरान आरोपियों ने अदालत से निवेदन किया कि आरोपी ईशान अवस्थी कैंसर का मरीज है, शीला गुर्जर महिला है जबकि भगवान सिंह यादव सहित अन्य अपराधी बुजुर्ग है और लंबे समय से सुनवाई के दौरान अदालती कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। इसलिए अब इन्हें दंड मुक्त कर दिया जाए लेकिन कोर्ट ने साक्ष्यों को देखते हुए सजा सुनाई।


15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया

सहकारी बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष भगवान सिंह यादव और डीके जैन को दो अलग-अलग मामलों में तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।आरोपी ईशान चंद्र अवस्थी, गजेंद्र श्रीवास्तव, शीला गुर्जर और संजीव शुक्ला को दो अलग-अलग मामलों में क्रमशः तीन और चार-चार साल के कारावास और 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। 


कोर्ट ने चार लोगों को जेल भेजा

सजा सुनाने के बाद भगवान सिंह यादव और डीके जैन के एडवोकेट ने अदालत के समक्ष जमानत के लिए आवेदन दिया कि उनके पक्षकार को तीन-तीन साल की सजा हुई है। जिसमें उन्हें जमानत दी जा सकती है । कोर्ट ने इस आवेदन को स्वीकार कर फौरी राहत दी। उन्हें जमानत पर रिहा कर निर्देश दिया गया कि वे एक माह के अंदर अपनी पक्की जमानत करा लें लेकिन बाकी चार आरोपियों को चार-चार साल की सजा होने पर उन्हें जेल भेज दिया गया।

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