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ग्वालियर: ड्रायफ्रूट समझकर रतनजोत का फल खाने से 10 बच्चे बीमार, दो की हालत गंभीर, ICU में भर्ती

Mon, 21 Sep 2026 03:34 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

सिरसौद गांव में खेत के किनारे लगे पौधे से रतनजोत का फल खाने के कारण 10 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है।
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अस्पताल में भर्ती बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के मुरार ब्लॉक के सिरसौद गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रतनजोत का फल खाने के बाद 10 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चे भागवत कथा और भंडारे से लौट रहे थे। रास्ते में खेत के किनारे रतनजोत का पौधा देखकर बच्चों ने उसके फल को ड्रायफ्रूट समझ लिया और आपस में बांटकर खा लिया। घर पहुंचने के कुछ देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

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परिजनों के मुताबिक बच्चों को अचानक पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। इसके बाद सभी बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल मुरार ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को जयारोग्य अस्पताल समूह के कमला राजा अस्पताल रैफर किया गया।

कमला राजा अस्पताल पहुंचने के बाद 8 बच्चों को पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती किया गया, जबकि 2 बच्चों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें न्यू जेएएच के आईसीयू में रखा गया है। अस्पताल में पूजा (11), आरती (9), दीक्षा (12), प्रवीण (10), दिव्या (8), सुमित (8), गौरव (5) और तनु (9) का इलाज चल रहा है। वहीं हरिओम (15) और सेजल (14) को गंभीर स्थिति के चलते आईसीयू में भर्ती किया गया है। गांव से तीन और बच्चों को अस्पताल लाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
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वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. घनश्याम दास के मुताबिक रतनजोत का फल जहरीला होता है। इसके सेवन से शरीर में टॉक्सिसिटी हो सकती है, जिसके चलते उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी समस्या हो सकती है। बच्चों के जहरीला फल खाने की सूचना मिलने के बाद प्रो. डॉ. घनश्याम दास कमला राजा अस्पताल पहुंचे और भर्ती बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने डॉक्टरों की टीम को बच्चों के उपचार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

इधर बच्चों के परिजनों ने जिला अस्पताल मुरार की इमरजेंसी में उपचार को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जब वे बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचे तो प्राथमिक उपचार देने के बजाय सभी बच्चों को कमला राजा अस्पताल रैफर कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि बच्चों की हालत खराब थी, ऐसे में प्राथमिक उपचार के बाद रैफर किया जाता तो उन्हें तत्काल राहत मिल सकती थी। हालांकि इस आरोप पर जिला अस्पताल की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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घटना के बाद डॉक्टरों ने ग्रामीण क्षेत्रों में अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को अनजान पेड़-पौधों के फल या बीज खाने से रोकें। किसी अज्ञात फल या बीज के सेवन के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द या अन्य परेशानी होने पर बिना देरी किए बच्चे को अस्पताल ले जाना चाहिए।

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