मध्यप्रदेश दतिया के रतनगढ़ मेले में 13 अक्तूबर को भगदड़ में मारे गए 100 से अधिक श्रद्धालुओं के परिजनों को अब पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा मिलेगा।
इस आशय के आदेश बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ की युगल पीठ के न्यायमूर्ति एसके गंगेले और न्यायमूर्ति जीडी सक्सेना ने दिए। तीन लाख रुपये राज्य सरकार और दो लाख रुपये प्रधानमंत्री सहायता कोष से दी जाएगी।
आरटीआई कार्यकर्ता गौरव पांडे की याचिका पर न्यायमूर्ति गंगेले और न्यायमूर्ति सक्सेना ने सुनवाई कर अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि रतनगढ़ हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को मिलने वाले मुआवजे की राशि को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाए।
फिलहाल राज्य सरकार ने डेढ़ लाख रुपये की राहत राशि दी थी, जिस पर आरटीआई कार्यकर्ता गौरव पांडे ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह राशि काफी कम हैं। हाईकोर्ट की युगल पीठ ने अपने आदेश में राज्य सरकार से कहा कि डेढ़ लाख रुपये और मिलाकर तीन लाख रुपये पीड़ितों के परिजनों को दे। वहीं, उन्हें प्रधानमंत्री राहत कोष से से भी दो लाख रुपये दिए जाएं।
याचिकाकर्ता गौरव पांडे के अभिभाषक अवधेश भदौरिया की बहस के बाद खंडपीठ ने सीबीआई जांच व अधिकारियों पर गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज करने पर सुनवाई एक नवंबर को तय की है। उल्लेखनीय है कि भगदड़ में 115 श्रद्धालुओं की मौत और डेढ़ सौ से अधिक लोग घायल हो गये थे।