मध्यप्रदेश में भाजपा विधायक आशारानी और उनके पति पूर्व विधायक अशोक वीर विक्रम सिंह उर्फ भैया राजा को घरेलू नौकरानी को आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
स्थानीय अदालत ने बृहस्पतिवार को मामले में चार अन्य को भी दस साल की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के सूत्रों ने कहा कि नौकरानी तिज्जिबाई ने भैया राजा के कोलार रोड आवास में 21 मई 2007 को आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
पूर्व विधायक ने तिज्जिबाई का शारीरिक शोषण किया था। जबकि पत्नी तथा बिजावर से वर्तमान विधायक आशारानी उसके साथ अक्सर मारपीट करती थी।
बगैर मेहनताना के उससे काम कराया जाता था। उसे किसी से मिलने भी नहीं दिया जाता था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सईदा बानो रहमान ने आशारानी और उनके पति पर 51-51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।