राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को 28 महीने बाद भी सातवें वेतनमान का एरियर नहीं मिल पाया है। इससे नाराज 300 से ज्यादा चिकित्सकों ने आंदोलन की राह चुनी है। 29 मार्च से आंदोलन जारी है। पांचवें दिन भी आंदोलन कर रहे डॉक्टरों की किसी ने सुध नहीं ली। अब सोमवार से दोपहर 12 से दो बजे के बीच ओपीडी बंद रखी जाएगी।
बता दें कि कॉलेज डीन डॉ. अरविंद राय ने जरूर जल्दी एरियर दिलाने का भरोसा दिलाया है, लेकिन डाक्टर ठोस समाधान की मांग पर अड़े हैं। डॉक्टरों ने गुरुवार और शुक्रवार को एक-एक घंटे के लिए ओपीडी में सेवाएं नहीं दी थीं। अब जीएमसी चिकित्सा शिक्षक संघ ने तय किया है कि सोमवार से दोपहर 12 से दो बजे के बीच दो घंटे के लिए ओपीडी बंद रखेंगे। इस दौरान ओपीडी में सीनियर रेसीडेंट या जूनियर डॉक्टर ही मिलेंगे।
जीएमसी चिकित्सा शिक्षक संघ के सचिव डॉ. अविनाश ठाकुर का कहना है कि सत्यापन का काम छह महीने पहले किया जा सकता था। मार्च अंत तक भी हो जाता है तो पिछले वित्तीय वर्ष के बजट से भुगतान हो सकता था। सिर्फ डीन से इस संबंध में बात हुई है, लेकिन जब तक कोई ठोस हल नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा।
डीन का कहना है कि सर्विस बुक का सत्यापन नहीं हो पाने की वजह से एरियर भुगतान में दिक्कत आई है। इसमें यह देखा जाता है कि जो वेतनमान मिला है, वह सही है या नहीं। ट्रेजरी द्वारा यह काम किया जाता है। सत्यापन करीब छह महीने पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन वित्त विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के इस मुद्दे पर बातचीत नहीं होने की वजह से यह मामला अटका हुआ था। अब डाक्टरों ने आंदोलन शुरू किया तो सत्यापन भी शुरू हो गया है। सोमवार तक यह काम पूरा हो जाएगा। डीन के आश्वासन के बाद भी चिकित्सा शिक्षक आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि विदिशा में छह महीने पहले यह काम हो गया था, लेकिन एरियर अभी मिला है। ऐसे में सत्यापन का यह मतलब नहीं कि एरियर मिल जाएगा।