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पिता ने घर बेचकर दी सुविधाएं, बेटे ने पास की सिविल सर्विस परीक्षा

Sun, 07 Apr 2019 12:58 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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प्रदीप सिंह (फाइल)
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किसी भी बच्चे की सफलता में उसकी अपनी मेहनत के साथ ही उसके माता-पिता के त्याग का भी अहम योगदान होता है। इसका एक और उदाहरण मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी प्रदीप सिंह बन गए हैं। एक पेट्रोल पंप कर्मचारी के बेटे प्रदीप ने शुक्रवार को घोषित यूपीएससी परिणाम में अखिल भारतीय स्तर पर 93वीं रैंक हासिल की है। 22 साल के प्रदीप को सिविल सेवा परीक्षा की तैयार करने में किसी तरह की कमी आड़े न आए, इसके लिए उसके पिता मनोज सिंह और माता अनीता ने अपना घर तक बेच दिया था। अब प्रदीप ने अपने चयन से उनके इस त्याग को सफल बना दिया है।

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गरीबी के बावजूद प्रदीप के माता-पिता ने अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त सुविधाएं दीं। इंदौर में सिविल सेवा परीक्षा का उचित माहौल नहीं होने के कारण ही प्रदीप के पिता ने उसे तैयारी के लिए 2017 में दिल्ली भेजा। दिल्ली में रहने का खर्च उठाने के लिए जब उनके पास पैसे नहीं थे, तो उन्होंने अपना मकान बेच दिया और खुद स्कीम नंबर-78 में एक छोटे से कमरे में शिफ्ट हो गए। 

साथ ही इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से बीकॉम करने वाले प्रदीप की मां अनीता ने भी उसकी पढ़ाई के लिए अपने गहने बेच दिए। फिलहाल भी उनका परिवार किराए के मकान में ही रहता है। प्रदीप ने बताया कि यूपीएससी परीक्षा के करीब उनकी मां की तबीयत बेहद खराब हो गई थी। लेकिन उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इस कारण पिता ने उन्हें यह बात बताई ही नहीं। परीक्षाओं के बाद उन्हें मां के बीमार होने का पता चला। प्रदीप का सपना है कि अब वह अपने माता-पिता को सभी तरह की खुशियां देकर उनके संघर्ष को खत्म कर पाएं।

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