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ई एफआईआर: मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने जारी किए दिशा-निर्देश, शिकायतकर्ता को थाने न बुलाएं 

Tue, 17 Aug 2021 11:16 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मप्र में चुनिंदा मामलों में ई एफआईआर यानी ऑनलाइन पुलिस केस दर्ज कराने की व्यवस्था शुरू हो गई है। इसे लेकर मंगलवार को पुलिस मुख्यालय ने दिशा-निर्देश जारी किए। 
 
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मध्यप्रदेश पुलिस (सांकेतिक) - फोटो : फाइल
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विस्तार
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मध्यप्रदेश पुलिस ने राज्य में ई-एफआईआर का शुरुआत की है। अभी साधारण अपराधों से जुड़े मामले दर्ज करने को लेकर इसका ट्रायल चल रहा है। जल्द ही इसका विस्तार किया जाएगा। मंगलवार को पुलिस मुख्यालय से इसके दिशा-निर्देश जारी किए गए। 

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दिशानिर्देशों में कहा गया है कि ई एफआईआर दर्ज करने वाले को पुलिस थाने नहीं बुलाया जाए। इसी तरह यदि कोई व्यक्ति चोरी की शिकायत लेकर थाने आता है, तो उसे ई एफआईआर के लिए मजबूर नहीं किया जाए। 

प्रदेश में ई एफआईआर का परीक्षण 12 अगस्त से शुरू हो चुका है। अब प्रदेश का कोई भी नागरिक वेबसाइट mppolice.gov.in, सिटीजन पोर्टल https://citizen.mppolice.gov.in, मध्यप्रदेश पुलिस के मोबाइल एप MpeCop पर ई एफआईआर दर्ज करा सकता है। यह पुलिस केस दर्ज कराने की वैकल्पिक सुविधा है। फिलहाल इसके माध्यम से वाहन चोरी तथा साधारण चोरी के मामले दर्ज कराए जा सकते हैं। 
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ये हैं प्रमुख दिशा निर्देश

  • ई एफआईआर दायर करते वक्त कोई नागरिक गलत थाना चुन लेता है तो केस को संबंधित क्षेत्र के थाने को स्थानांतरित किया जाएगा।
  • केस दर्ज होने की सूचना एसएमएस और पीडीएफ कॉपी ईमेल के माध्यम से मिलेगी। 
  • इसके साथ ही संबंधित थाने के अधिकारियों को भी एसएमएस से सूचना मिलेगी। थाने में एक नियमित मोबाइल नंबर अलग से रहेगा। 
  • टीआई ई एफआईआर की वाजिब कारण से दर्ज की गई है या नहीं, इसकी रोज जांच की जाएगी।
  • पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समय-समय पर ई एफआईआर के जरिए दायर केसों की समीक्षा करेंगे।
  • वाहन चोरी की सूचना चौकी, थाना, कंट्रोल रूम, डायल 100 पर मिलने के बाद उसे खोजा जाएगा। 
  • साधारण चोरी की जांच 45 दिनों में व वाहन चोरी की जांच 30 दिन में पूरी करना होगी।
  • टीआई को ई एफआईआर की सूचना मिलने के 24 घंटे के अंदर इसे दर्ज करने या नहीं करने का निर्णय लेना होगा।
  • यदि ई एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है तो उसका उचित कारण लिखना होगा।
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