मध्यप्रदेश में कांग्रेस के अंदर सत्ता संघर्ष को शांत करने के प्रयासों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समर्थकों ने बुधवार को प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार को पार्टी से निकालने की मांग करते हुए उनका पुतला जलाया।
सिंघार ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि दिग्विजय सिंह प्रदेश में कांग्रेस सरकार को ब्लैकमेल कर रहे हैं। इससे पहले रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सिंघार ने दावा किया था कि दिग्विजय प्रदेश में कमलनाथ सरकार को 'अस्थिर' करने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रहीं स्वर्गीय जमुना देवी के भतीजे उमंग सिंघार ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘पार्टी मजबूत है। मैंने पार्टी के समक्ष अपने विचार रखे हैं, मुख्यमंत्री के साथ बैठक की और कल रात बबरिया जी से भी बात की। मुझे और कुछ नहीं कहना है।’
सिंघार ने इस सवाल का उत्तर नहीं दिया कि क्या वह अब भी दिग्विजय के खिलाफ अपने आरोपों पर कायम हैं। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री काल के दौरान जमुना देवी प्रदेश की काबीना मंत्री थीं और दोनों के बीच कई मुद्दों पर खुले मतभेद होते थे।
बुधवार को वन मंत्री सिंघार की संवाददाताओं से बातचीत के बाद लगभग एक दर्जन प्रदर्शनकारियों ने उनके निवास के बाहर वन मंत्री का पुतला जलाया। ये प्रदर्शनकारी दिग्विजय सिंह के समर्थन में नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, ‘सिंघार को पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने खुले तौर पर सरकार और पार्टी के खिलाफ बोला है।’
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) मीडिया सेल की अध्यक्ष शोभा ओझा भी उस समय वहां मौजूद थीं जब पार्टी कार्यकर्ता सिंघार के बंगले के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैंने नहीं देखा कि प्रदर्शनकारी कौन थे। सभी मुद्दों को अब सुलझा लिया गया है।’