भाजपा के कद्दावर नेता और मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव के घोर विरोधी भंवर सिंह शेखावत की कांग्रेस में एंट्री की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, शेखावत की कांग्रेस में एंट्री के पहले ही विरोध शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस में आयातित नेता नहीं चलेगा।
धार जिले के बदनावर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व विधायक व कद्दावर नेता भंवर सिंह शेखावत की कांग्रेस में एंट्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। कांग्रेसियों में पोस्टर का विवाद अभी थमा भी नहीं कि अब कुछ युवकों द्वारा बदनावर क्षेत्र में अनेक जगहों पर शेखावत के पुतले जलाकर कांग्रेस के समर्थन में नारेबाजी की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि आयातित नेता नहीं चलेगा, कांग्रेस पार्टी होश में आओ, के नारे लगने लगे।
बदनावर से मिल सकता है टिकट
सूत्रों के मुताबिक भंवर सिंह शेखावत की कांग्रेस में एंट्री तय मानी जा रही है। शेखावत खुद भी कांग्रेस की ओर से बदनावर से चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। जिससे बदनावर विधानसभा क्षेत्र में घमासान देखने को मिलेगा। इधर, भाजपा को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि कांग्रेस से भाजपा में आए बदनावर के विधायक व प्रदेश मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव का विधानसभा चुनाव में शेखावत से सामना होना है, जो दत्तीगांव और भाजपा दोनों के लिए बड़ा मुश्किलों भरा होगा।
विरोध को कांग्रेस नेता मान रहे साजिश
क्षेत्रीय कांग्रेस नेता पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। वे शेखावत के विरोध से पल्ला झाड़ते इसे साजिश बता रहे हैं। हालांकि, वे भंवरसिंह शेखावत की एंट्री का समर्थन करते दिखे। 2013 के विधानसभा चुनाव में भंवर सिंह शेखावत ने दत्तीगांव को करीब साढ़े नौ हजार मतों से हरा दिया था। इसके बाद 2018 के विधानसभा चुनाव में भितरघात के चलते भाजपा के उम्मीदवार शेखावत तब के कांग्रेसी प्रतिद्वंद्वी प्रतिद्वंदी दत्तीगांव से करीब 42,000 मतों से हार गए थे। इधर, बदनावर क्षेत्र में कमजोर पड़ी कांग्रेस में शेखावत की एंट्री पर लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी सवाल उठने लगे कि इस विरोध के पीछे कौन है?
कई जगह हो रहा विरोध
शेखावत के खिलाफ ग्राम नागदा, धारसीखेड़ा, गढ़ी और कई ग्रामों में नारेबाजी करते हुए कुछ युवकों ने कांग्रेस के नाम पर भंवर सिंह शेखावत का विरोध किया और पुतले फूंके। इस तरह के विरोध प्रदर्शनों पर सवाल भी खड़े हो गए हैं।