सड़क जाम कर धरने पर बैठे बच्चे और परिजन।
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धार जिले के राजोद में कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षा को लेकर निजी स्कूल अर्चना विद्यापीठ ने बच्चों को प्रवेश पत्र नहीं दिए। इस कारण विद्यार्थी दसवीं की परीक्षा देने से वंचित रहे गए। 80 से अधिक छात्र-छात्राओं के परिजनों ने सरदारपुर बदनावर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस कारण क्षेत्र का यातायात ठप हो गया।
वहीं निजी स्कूल अर्चना विद्यापीठ पर बच्चों के भविष्य का खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए पलकों ने प्रशासन से तुरंत ही बच्चों के भविष्य को देखते हुए निर्णय लेने की बात कही। साथ ही निजी स्कूल संचालक पर कार्रवाई की मांग की है।
घटना के विषय में मौजूद पालकों ने बताया कि राजोद का यह अर्चना विद्यापीठ हायर सेकेंडरी स्कूल के रूप में संचालित होता है। स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा दसवीं और बारहवीं के 80 से अधिक बच्चे आज अपने भविष्य को लेकर मुश्किल में पड़ गए हैं। आज से कक्षा दसवीं के बोर्ड की परीक्षा प्रारंभ हुई है। वहीं कल 6 तारीख से 12वीं के बोर्ड की परीक्षा प्रारंभ होनी है। ऐसे में विद्यालय ने बच्चों को परीक्षा के प्रवेश पत्र नहीं दिए। बच्चों का भविष्य अधर में अटक गया है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा से वंचित हो गए हैं। ऐसे में प्रशासन तुरंत ही कार्रवाई करें और इन बच्चों के भविष्य को लेकर निर्णय लें।
वहीं, बच्चों व पालकों के किए गए चक्का जाम के बाद पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और राजोद थाना प्रभारी सहित अधिकारी चक्का जाम कर बैठे पालक और बच्चों को समझाइश देने की कोशिश करते रहे। इधर थाना प्रभारी हीरू सिंह रावत राजोद से जब बात की गई तो वह टालते नजर आए।
धार जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण देवड़ा ने कहा कि स्कूल ने मान्यता नहीं ली थी, इस वजह से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। मामले में हम जांच करा रहे हैं, इसकी एफआईआर करवाएंगे। स्कूल द्वारा कोई फॉर्म जमा नहीं किया गया, कोई कार्रवाई नहीं की गई। बोर्ड की तारीख के मुताबिक उन्हें फॉर्म लोड करवाना थे। वो लोड किए ही नहीं। फर्जी काम हुआ है। हमने हाईस्कूल और हायर सेकंडरी के बच्चों के लिए पत्राचार किया गया था। पत्र हमने विभाग को भी दिए और बोर्ड भोपाल को भी भेजे। बोर्ड कोई निर्णय लेता है तो बात अलग है। हो सकता है बच्चों के हित में कोई निर्णय लिया जाए। बोर्ड निर्णय लेकर अनुमित देता है तो बच्चे परीक्षा में बैठ सकते हैं। हालांकि दसवीं का एक पेपर निकल गया है। विद्यालय संचालकों ने बहुत बड़ी गलती की है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। हम एफआईआर कराएंगे।