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Dewas: ग्रामीण पर तमतमाईं तहसीलदार, कहा- चूजे हैं, अंडे से निकले नहीं मरने-मारने की बात करते हैं, जानें मामला

Mon, 15 Jan 2024 10:14 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देवास

सार

देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के ग्राम कुमारियाराव में खड़ी फसल में लाइट के पोल लगाने को लेकर किसान और तहसीदार आमने-सामने हो गए। बात इतनी बढ़ गई कि सोनकच्छ की महिला तहसीलदार ने ग्रामीणों को चूजा तक कह दिया। बाद में उन्होंने घटना को क्रिया की प्रतिक्रिया बताया। 
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सोनकच्छ तहसीलदार का वीडियो वायरल हो गया। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बीते दिनों मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में ड्राइवर से औकात पूछने वाले मामले के बाद अफसरशाही का एक और वीडियो देवास जिले से निकलकर सामने आया है। इसमें सोनकच्छ तहसील की तहसीलदार ग्रामीणों पर हाइपर होती हुई नजर आ रही हैं और ग्रामीण युवाओं को चूजे शब्द से संबोधित कर रही हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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जानकारी के मुताबिक मामला देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के अंतर्गत आने वाले कुम्हारिया राव गांव का बताया जा रहा है। गांव में बिजली विभाग के टावर लगाए जाने को लेकर महिला तहसीलदार अंजली गुप्ता गांव में पहुंची थीं। जहां मौजूद कुछ किसानों द्वारा तहसीलदार से अनर्गल शब्दों का उपयोग वा उंगली दिखाकर बात की गई। इसके बाद वे भड़क गईं। वे ग्रामीण को गुस्से में डांट-फटकार लगाती हुई कह रही हैं कि अंडे से निकले नहीं और इतनी मरने मारने की बात करते हैं। साथ ही सरकार को चुनने और न चुनने को लेकर भी उन्होंने ग्रामीणों पर सवाल उठाए और अंत में वे सामने वाले युवा द्वारा कहे गए शब्द दोहराते हुए कह रही हैं कि दो शब्द क्या पढ़ लिए अंग्रेजी में, यू आर रिस्पॉन्सिबल आए बड़े।  पीछे मुड़ते हुए वीडियो बना रहे युवक का मोबाइल बंद करवाती हुई भी नजर आ रही हैं।

क्या है मामला
ग्रामीणों की मानें तो 7 जनवरी को पहली बार जब एमपीपीटीएल कंपनी के कर्मचारी किसान के खेत में गए तो किसान दिनेश जाट व उनके परिजनों ने उनको मना कर दिया कि खड़ी फसल में हम पोल नही लगाने देंगे। फसल बर्बाद होगी। कंपनी के कर्मचारी तहसीलदार अंजली गुप्ता के पास गए, खड़ी फसल का हवाला देते हुए तहसीलदार ने कंपनी के कर्मचारियों को मना कर दिया कि यह संभव नहीं है। इस बीच अधिकारी कलेक्टर से जाकर चर्चा करने पहुंचे। उन्होंने तहसीलदार को निर्देशित किया, साथ ही किसानों को उचित मुआवजा दिलवाने की बात भी कही। इसी बीच कलेक्टर के आदेश का पालन करते हुए तहसीलदार पहुंचीं, समझाया और किसान मान गए। साथ ही जाट परिवार के लोगों ने कलेक्टर से चर्चा करने की बात कही, लेकिन अगले दिन कंपनी के लोग जेसीबी मशीन लेकर पहुंच गए, जिससे किसान जाट परिवार नाराज हो गया, और उन्होंने एमपीपीटीएल कंपनी के अधिकारियों को वापस भेज दिया। इसके बाद गुरुवार को मैडम फिर पहुंची और किसान के बेटे के "यू आर रिस्पॉन्सिबल" शब्द सुनने के बाद भड़क गईं। 
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क्या बोलीं तहसीलदार
मामले में सोनकच्छ तहसीलदार अंजली गुप्ता का कहना है कि मप्र पॉवर ट्रांसमिशन क.लि. सोनकच्छ क्षेत्र में 132 के.व्ही. लाइन बिजली के टॉवर खड़े कर रही है। जो किसानों के खेत में लग रहे। चूंकि फसल खड़ी है ऐसे में उचित मुआवजा मिलना है। हम MPPTL के अधिकारियों के साथ बुधवार 10 जनवरी को किसानों से बातचीत करने गए थे क्योंकि वह कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर रहे थे। उन्हें समझाया गया। समझाने के बाद गुरुवार 11 जनवरी को भी एक किसान ने व्यवधान उत्पन्न किया। वहां मौके पर असभ्य और गैर मर्यादित शब्दों का इस्तेमाल उनके द्वारा किया गया, जिसके रिएक्शन में मेरे द्वारा कहा गया। बाद में उन्होंने क्षमा भी मांगी। पूरा मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है। वायरल वीडियो गुरुवार का है।  

सीएम ने लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर देवास जिले के सोनकच्छ तहसीलदार के वायरल हो रहे वीडियो को संज्ञान में लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारी आम लोगों के साथ सभ्य और शालीन भाषा का इस्तेमाल करें। इस तरह की अभद्र भाषा बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेरे निर्देश के बाद कलेक्टर द्वारा तहसीलदार को जिला मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुशासन हमारी सरकार का मूल मंत्र है।
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