नवमीं पर मध्यप्रदेश के रतनगढ़ में हुए हादसे के बाद प्रशासन की चिंता अब और बढ़ गई हैं, यह चिंता है दीपावली की पड़वा और दौज को रतनगढ़ में लगने वाले मेले की।
इस मेले में दूरदराज से आने वाले लोगों की संख्या 10 लाख तक होती हैं। रतनगढ़ हादसे के बाद इस मेले को लेकर प्रशासन जाग गया हैं। आज ग्वालियर संभाग के आयुक्त केके खरे, चंबल संभाग के आईजी सैय्यद मोहम्मद अफजल ने रतनगढ़ में 4 एवं 5 नवंबर को आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर रतनगढ़ का दौरा कर तैयारियां शुरू कर दी हैं और व्यवस्थाओं का ब्लू प्रिंट तैयार किया है।
आनन फानन में ग्वालियर के संभागीय आयुक्त केके खरे और आईजी चंबल एसएम अफजल अधीनस्थ अधिकारियों के साथ रतनगढ़ पहुंचे। उन्होंने इसके लिए दतिया से नवागत कलेक्टर रघुराज एमआर व पुलिस अधीक्षक आरके मराठे को भी वहां बुला लिया।
अब ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को आठ किलोमीटर पहले रोका जाएगा। वहीं अन्य छोटे चार पहिया वाहनों को चार किलोमीटर पहले और दो पहिया वाहनों को 3 किलोमीटर पहले मंदिर से विभिन्न पार्किंग स्थलों पर ही रोका जाएगा। सिंध नदी के पुल पर कोई भी वाहन नहीं चलने दिया जाएगा। शासकीय व्यवस्था में लगे और पुलिस वाहन केवल पुल के पहले तक ही आ सकेंगे।
हादसे से लिया सबक
सबसे बड़ी बात यह है कि हादसे से सबक लेते हुए पुलिस प्रशासन ने सिंध नदी के पुल को नो वाहन जोन घोषित कर दिया हैं। यहां अब भीड़ नियंत्रण प्रबंधन के तहत 22 मीटर चौड़े और 300 मीटर लंबे पुल को बेरीकेड लगाकर दो भागों में बांट दिया जाएगा और एक भाग से केवल जाना और एक भाग से केवल आने ही दिया जाएगा।
चंबल रेंज के आईजी अफजल ने बताया कि रतनगढ़ में अभी तक पार्किंग के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। मंदिर के पास खुला स्थान बढ़ाने के लिए दुकानें भी हटाकर दूर की जाएंगी। इसके अलावा मंदिर में बिजली, जनरेटर, अधिकारी कैंप ऑफिस, स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
काफी संख्या में होगा फोर्स
आईजी अफजल ने बताया कि रतनगढ़ में दीपावली की पड़वा व दौज के मेले के लिए 700 लोगों का पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसमें 2 अधिकारी एडीशनल एसपी स्तर, 4 एसडीओपी, आधा दर्जन नगर निरीक्षक, एक दर्जन उपनिरीक्षक भी शामिल हैं।
रतनगढ़ हादसे की रिपोर्ट केंद्र ने मांगी
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आंतरिक सुरक्षा विभाग ने दतिया के रतनगढ़ हादसे की रिपोर्ट राज्य शासन से मांगी है। सूत्रों के मुताबिक इस संदर्भ में आंतरिक सुरक्षा विभाग की ओर से राज्य शासन से संपर्क किया गया, जिसके बाद राज्य सरकार ने दतिया के कलेक्टर से पूरी रिपोर्ट तलब की है। यह रिपोर्ट बाद में राज्य सरकार द्वारा दिल्ली भेजी जाएगी।