दमोह जिले के देहात थाना की जबलपुर नाका चौकी के अथाई गांव में मंगलवार की शाम पुलिस की बीडीएस टीम ने अवैध पटाखा फैक्ट्री से जब्त किए गए पटाखों का नष्ट किया। इस दौरान धमाका इतनी तेज हुआ कि जबलपुर नाका क्षेत्र धमाके से दहल गया और झटका महसूस हुआ। इससे लोगों ने इसे भूकंप का झटका समझ लिया और सोशल मीडिया पर लिखकर इस बात की पुष्टि करने लगे कि कहीं भूकंप तो नहीं आया।
धमाका होने पर बन गए थे धुएं के बादल
जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ लोग अपने-अपने क्षेत्र में झटके आने की बात लिखने लगे। तभी सोशल मीडिया पर अथाई गांव में हो रहे एक विस्फोट का वीडियो सामने आया। उसमें कुछ ही देर में इतना जोर का धमाका हुआ कि चारों ओर आग ही आग दिखाई देने लगी और धुएं के बादल बन गए। इसके बाद दमोह सीएसपी अभिषेक तिवारी से इस बारे में जानकारी ली गई।
लोगों ने ली राहत की सांस
अभिषेक तिवारी ने बताया कि बड़े पुल पर जिस अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। उसी फैक्ट्री से इन पटाखों को जब्त किया गया था जिनको नष्ट करना बेहद जरूरी था। इसलिए मंगलवार को अथाई गांव में पहाड़ी के नजदीक इन पटाखों का विनष्टीकरण किया गया और लोगों को जब इस बात की जानकारी लग गई कि यह भूकंप का झटका नहीं था तब उन्होंने राहत की सांस ली।
अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में छह लोगों ने गंवाई थी जान
दरअसल, 31 अक्टूबर की दोपहर बड़ा पुल पर संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। उसमें फैक्ट्री संचालक अभय गुप्ता सहित दो महिलाओं की मौत हो गई थी। वहीं, तीन महिलाओं ने जबलपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। पटाखों के विनष्टीकरण के विस्फोट से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब लोगों ने भूकंप जैसे झटके महसूस किए तो फैक्ट्री में कितनी जोर का धमाका हुआ होगा।